Lucknow. लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर तबादलों का दौर लगातार जारी है। पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल के बाद अब शासन ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। रविवार को जारी तबादला सूची में 10 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें तीन अपर मुख्य सचिव और सात प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं। शासन की ओर से किए गए इन तबादलों को विभागों में कामकाज को और बेहतर बनाने तथा प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले दो दिनों में प्रदेश में PCS, PPS और IPS अधिकारियों के बाद अब IAS अधिकारियों के स्थानांतरण से प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
रणवीर प्रसाद को मिली ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी
वरिष्ठ IAS अधिकारी रणवीर प्रसाद को प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL), उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड और यूपीएसएलडीसी लिमिटेड के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
कई विभागों में बदले गए अधिकारी
तबादला सूची के अनुसार, अमित कुमार घोष को अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा बनाया गया है। वहीं अमृत अभिजात को वर्तमान पद के साथ अपर मुख्य सचिव परिवहन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वी. हेकाली झिमोमी को प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण बनाया गया है। महेंद्र प्रसाद अग्रवाल को प्रमुख सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा अनिल कुमार को प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद बनाया गया है। डा. एमकेएस सुंदरम को कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार और निर्यात प्रोत्साहन विभाग की जिम्मेदारी मिली है। रविन्द्र को प्रमुख सचिव पंचायती राज बनाया गया है। वहीं अमित गुप्ता को वर्तमान पद के साथ प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
डा. आशीष कुमार गोयल को अपर मुख्य सचिव श्रम एवं सेवायोजन बनाया गया है।
इससे पहले PCS और IPS अधिकारियों के हुए थे तबादले
इससे पहले शनिवार को शासन ने 13 PCS अधिकारियों के तबादले किए थे। इसके अलावा प्रदेश में 35 IPS अधिकारियों के स्थानांतरण भी किए गए थे। इनमें कई जिलों के पुलिस अधिकारियों में बदलाव शामिल था। लगातार हो रहे प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब सभी की नजर नए पदों पर तैनात अधिकारियों की कार्यशैली और विभागीय प्रदर्शन पर रहेगी। शासन का कहना है कि अधिकारियों के स्थानांतरण प्रशासनिक जरूरतों और विभागीय कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने के उद्देश्य से किए जाते हैं।