अवैध कब्जों पर नगर निगम का शिकंजा, 13 होटल गेस्ट हाउस नोटिस
15 दिन बाद होगी कार्रवाई
Bareilly. बरेली। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और बिना अनुमति निर्माण के खिलाफ बरेली नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। नगर निगम ने सुभाषनगर पुलिया के पास स्थित होटल, गेस्ट हाउस और दुकानों समेत 13 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण के नोटिस चस्पा किए हैं। नगर निगम की ओर से जारी नोटिस के बाद संबंधित संपत्ति मालिकों और कब्जेदारों में हड़कंप मच गया है। निगम ने सभी को 15 दिन का समय दिया है। इस अवधि में यदि संबंधित लोग खुद अवैध निर्माण और कब्जा नहीं हटाते हैं तो नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर सकती है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, जिन संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें तीन गेस्ट हाउस, एक होटल और कई दुकानें शामिल हैं। कार्रवाई से पहले नगर निगम की टीम ने इलाके का सर्वे किया था। सर्वे के दौरान जमीन पर अवैध निर्माण और कब्जे की स्थिति सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया।
सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है जमीन
नगर निगम के मुताबिक, खसरा संख्या 220 और 221 की जमीन सार्वजनिक मार्ग के रूप में दर्ज है। इसके अलावा मार्ग के किनारे 12.5 फीट चौड़ी जमीन भी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज बताई गई है। नगर निगम की टीम का कहना है कि जांच के दौरान इसी जमीन पर कई निर्माण और कब्जे पाए गए। इसके बाद निर्माण विभाग, मानचित्रकार और प्रवर्तन दल की टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित लोगों को नोटिस दिए।
15 दिन बाद होगी कार्रवाई
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के अंदर यदि कब्जेदार खुद अवैध निर्माण नहीं हटाते हैं तो निगम की ओर से अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से अवैध निर्माण हटाया जाएगा। निगम ने यह भी कहा है कि ध्वस्तीकरण अभियान में आने वाला खर्च संबंधित कब्जेदारों से वसूला जा सकता है। इसके अलावा नोटिस के बाद भी अवैध कब्जा बनाए रखने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना भी जताई गई है।
इलाके में चर्चा तेज
सुभाषनगर पुलिया के आसपास इन 13 संपत्तियों पर नोटिस लगाए जाने के बाद क्षेत्र में कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि 15 दिन की समय सीमा पूरी होने के बाद नगर निगम क्या कदम उठाता है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के लिए संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।