जनता से रिश्ता वेबडेस्क। महिलाओं को पीरियड्स के दौरान अपना ख्याल रखने की आवश्यकता होती है, मुख्य रूप से इस समय उन्हें अपने आहार पर अधिक ध्यान देना चाहिए. पीरियड्स के दौरान शरीर में काफी कमजोरी महसूस हो सकती है, इसीलिए इस समय पोष्टिक और हेल्दी आहार ही लेना चाहिए, जो शरीर को बेहतर पोषण प्रदान करने के साथ दर्द में भी कारगर होता है. पीरियड्स के दौरान हार्मोन्स का संतुलित रहना भी बहुत आवश्यक होता है क्योंकि पीरियड्स में हार्मोन्स में काफी उतार-चढ़ाव होते हैं जिस कारण पीरियड्स में कई बार बहुत परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए ऐसे समय में आपको तली हुई बाज़ार की चीजें जैसे फास्ट फूड या जंक फ़ूड, पैक्ड फूड या अन्य अधिक मसालों वाली चीजों से परहेज़ करना चाहिए.

ऐसे समय में आपको डेयरी उत्पादों को भी ध्यानपूर्वक लेना चाहिए, यह सुनने में आश्चर्यजनक हो सकता है लेकिन पनीर या क्रीम जैसे डेयरी उत्पादों को लेने की सलाह पीरियड्स के समय नहीं दी जाती है क्योंकि इनमें एराकिडोनिक एसिड होता है जो पीरियड्स के समय शरीर में कई बार क्रैम्प्स का कारण बन सकता है.
पीरियड्स के दौरान डाइट
हेल्थलाइन के मुताबिक पीरियड्स के समय आपको अपना आहार लाइट रखना चाहिए. जिसमें फाइबर जैसे पोषक तत्व शामिल हों और तेल, मिर्च-मसाले वाला खाना पूरी तरह अवॉइड करना चाहिए. पीरियड्स के दौरान ज्यादा कैफीन का सेवन भी नुकसानदायक साबित हो सकता है.
पीरियड्स के दौरान डाइट में शामिल करें
फल और सब्जियां
कच्ची सब्जियां और फल विटामिन सी और बीटा कैरोटीन से भरपूर होते हैं, जो पीरियड्स के दौरान हार्मोन्स को संतुलित रखने में मदद करते हैं. बीटा कैरोटीन के लिए गाजर, आम, शकरकंद आदि. विटामिन सी के लिए आप ब्रोकली, स्प्राउट्स व सभी प्रकार के खट्टे फलों का सेवन कर सकती हैं.
साबुत अनाज
साबुत अनाज में प्रोटीन, फाइबर और विटामिन की मात्रा अधिक होती है. जिससे पीरियड्स के दौरान कई पोषक तत्व प्राप्त होते हैं. जिससे पीरियड्स के दौरान मदद मिलती है.
डार्क चॉकलेट
डॉर्क चॉकलेट मैग्नीशियम का एक अच्छा स्रोत है, जो शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन को पैदा करता है जिससे इस दौरान इंस्टेंट मूड लिफ्ट हो सकता है.
सैल्मन
सैल्मन पीरियड्स की सभी परेशानियों का जवाब है, यह ओमेगा-3 फैटी एसिड में पूर्ण है, जो आपकी मांसपेशियों को आराम देने का काम करता है और दर्द से राहत देता है. सैल्मन ओमेगा 3 अखरोट, एवोकाडो, कद्दू, और सन बीज में पर्याप्त मात्रा में होता है.
संतरा
संतरे में कैल्शियम और विटामिन डी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो पीएमएस के लक्षणों को मिटाने में सक्षम होते हैं. कैल्शियम का उच्च स्तर दर्द को कम कर मांसपेशियों को आराम देने में कारगर साबित हो सकता है.
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