राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति पर उतरी कांग्रेस, जनता देगी करारा जवाब : विपिन सिंह परमार
Palampur. पालमपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सुलह विधानसभा क्षेत्र से विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए अब पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति पर उतर आई है। धर्मशाला के लोकप्रिय विधायक सुधीर शर्मा पर लगाए गए आरोप इसी साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम विपक्ष की बुलंद होती आवाज़ को दबाने और भाजपा नेताओं को झूठे मामलों में उलझाकर राजनीतिक लाभ लेने का असफल प्रयास है।
परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। लेकिन कांग्रेस यह अच्छी तरह समझ ले कि भाजपा न कभी झूठे आरोपों से डरी है, न दबाव में झुकी है और न ही आगे झुकेगी। सत्य को झूठे मुकदमों और राजनीतिक हथकंडों से दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज गंभीर आर्थिक संकट, बढ़ते कर्ज, चरमराती कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों की सुस्ती, बेरोजगारी और कांग्रेस की अधूरी गारंटियों से जूझ रहा है। जनता अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठा रही है, लेकिन सरकार समस्याओं का समाधान करने के बजाय विपक्ष को निशाना बनाने में व्यस्त है। यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार का परिचायक है। विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की संवैधानिक जिम्मेदारी किसी राजनीतिक दल के प्रति नहीं, बल्कि संविधान और कानून के प्रति है। इसलिए अधिकारियों को किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष प्रशासन से ही संभव है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार जितना राजनीतिक प्रतिशोध का रास्ता अपनाएगी, जनता का आक्रोश उतना ही बढ़ेगा। हिमाचल की जागरूक जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से इसका करारा जवाब देगी। सत्ता के बल पर विपक्ष की आवाज़ को दबाने का हर प्रयास अंततः जनता के जनादेश के सामने पराजित होगा। परमार ने कहा कि भाजपा प्रदेश के लोगों की आवाज़ बनकर हर अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेगी। कांग्रेस की दमनकारी और प्रतिशोध की राजनीति का अंत जनता के फैसले से होगा और लोकतंत्र की जीत निश्चित है।