इंडियास्किल्स में हुनर दिखाएंगे युवा ITI की कार्यशाला में प्रतियोगिता की तैयारी पर जोर
मध्य प्रदेश : युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपने कौशल का प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को गवर्नमेंट डिविजनल इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट यानी आईटीआई में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में ‘इंडियास्किल्स कॉम्पिटिशन 2026-28’ की प्रक्रिया, विभिन्न चरणों और पंजीकरण के तरीके की जानकारी दी गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों तथा विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों को प्रतियोगिता से परिचित कराना और अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।
कार्यशाला में मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड के असिस्टेंट डायरेक्टर आशु कुमार साहू और ट्रेनिंग सुपरिटेंडेंट टेक्निकल राजेश शर्मा ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। दोनों अधिकारियों ने इंडियास्किल्स प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों के बारे में विस्तार से बताया। उनके संबोधन में प्रतियोगिता की प्रक्रिया समझने और उपलब्ध अवसरों की जानकारी हासिल करने पर जोर रहा। छात्रों के साथ संस्थानों के प्रतिनिधियों को जानकारी देने से प्रतियोगिता संबंधी जागरूकता को प्रशिक्षण संस्थानों तक पहुंचाने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में प्रतियोगिता को लेकर शुरुआती जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया। किसी कौशल प्रतियोगिता में भाग लेने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थी के लिए केवल अपने तकनीकी विषय की जानकारी पर्याप्त नहीं होती। उसे आवेदन की प्रक्रिया, संबंधित कौशल श्रेणी और प्रतियोगिता के चरणों को भी समझना होता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए कार्यशाला में पंजीकरण तथा विभिन्न स्तरों पर उपलब्ध अवसरों की जानकारी साझा की गई। इससे इच्छुक युवाओं को आगे की तैयारी की दिशा समझने में सहायता मिल सकती है।
आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र अपने पाठ्यक्रम के दौरान व्यावहारिक काम सीखते हैं। कौशल प्रतियोगिता ऐसे प्रशिक्षण को प्रदर्शन के अवसर से जोड़ती है। इसमें भागीदारी की तैयारी विद्यार्थियों को अपने काम की गुणवत्ता, सटीकता और अभ्यास पर ध्यान देने के लिए प्रेरित कर सकती है। कार्यशाला का उद्देश्य भी युवाओं को प्रतियोगिता की जानकारी देकर भाग लेने के लिए उत्साहित करना था। हालांकि, कार्यक्रम में किसी विद्यार्थी के चयन या प्रतियोगिता में स्थान सुनिश्चित होने की घोषणा नहीं की गई।
प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों की जानकारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की प्रक्रिया को समझकर प्रतिभागी अपनी तैयारी व्यवस्थित कर सकते हैं। प्रत्येक चरण में आगे बढ़ने के लिए संबंधित दिशा-निर्देशों और आवश्यकताओं की जानकारी जरूरी होती है। अधिकारियों ने कार्यशाला में इसी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। कार्यक्रम से छात्रों को प्रतियोगिता का व्यापक परिचय मिला, जबकि संस्थागत प्रतिनिधियों के लिए अपने विद्यार्थियों तक जानकारी पहुंचाने की भूमिका स्पष्ट हुई। इससे भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों को आधार मिल सकता है।
पंजीकरण संबंधी जानकारी कार्यशाला का एक प्रमुख हिस्सा रही। अक्सर किसी अवसर के बारे में जानकारी होने के बावजूद आवेदन का तरीका स्पष्ट नहीं होने से इच्छुक विद्यार्थी आगे नहीं बढ़ पाते। ऐसे में प्रक्रिया समझाने वाले कार्यक्रम उपयोगी होते हैं। प्रतिभागियों को रजिस्ट्रेशन के तरीके से परिचित कराने का उद्देश्य आवेदन संबंधी शुरुआती अस्पष्टताओं को दूर करना था। आवेदन करने वाले युवाओं के लिए संबंधित आधिकारिक निर्देशों के अनुसार अपनी जानकारी प्रस्तुत करना और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करना महत्वपूर्ण रहेगा।
कार्यशाला में विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों की भागीदारी से कार्यक्रम का दायरा छात्रों तक सीमित नहीं रहा। प्रशिक्षण संस्थानों की भूमिका प्रतियोगिता की जानकारी साझा करने, इच्छुक युवाओं को पहचानने और उन्हें तैयारी के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण हो सकती है। विद्यार्थियों को नियमित प्रशिक्षण के साथ अवसरों की जानकारी मिले तो वे अपने कौशल के प्रदर्शन के बारे में बेहतर निर्णय ले सकते हैं। इस आयोजन का उद्देश्य संस्थागत स्तर पर भी जागरूकता बढ़ाना था, ताकि प्रतियोगिता में अधिक युवाओं की भागीदारी संभव हो।
कौशल प्रतियोगिता की तैयारी विद्यार्थियों के लिए अपने प्रशिक्षण का आकलन करने का अवसर भी बन सकती है। किसी कार्य को सीखने और उसे निर्धारित परिस्थितियों में बेहतर ढंग से पूरा करने के बीच अभ्यास की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इच्छुक प्रतिभागियों को अपने विषय में मजबूत पक्षों के साथ सुधार की जरूरत वाले हिस्सों को समझना पड़ता है। प्रतियोगिता की प्रक्रिया से परिचित होने के बाद विद्यार्थी अपने प्रशिक्षण और अभ्यास की प्राथमिकताएं तय कर सकते हैं। हालांकि, तैयारी संबंधित कौशल श्रेणी के निर्देशों के अनुरूप ही होगी।
राष्ट्रीय स्तर के अवसरों से परिचित कराना इस कार्यशाला का महत्वपूर्ण उद्देश्य रहा। मध्य प्रदेश के युवाओं की अधिक भागीदारी के लिए जानकारी का प्रशिक्षण संस्थानों तक पहुंचना आवश्यक है। कार्यक्रम में छात्रों और प्रतिनिधियों को एक साथ संबोधित करके इसी दिशा में प्रयास किया गया। अधिकारियों की ओर से विभिन्न चरणों का परिचय देने से प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के स्वरूप को समझने का अवसर मिला। जागरूकता को वास्तविक भागीदारी में बदलने के लिए अब इच्छुक युवाओं का पंजीकरण और आगे की तैयारी महत्वपूर्ण होगी।
शुक्रवार की कार्यशाला ने इंडियास्किल्स प्रतियोगिता से जुड़ी प्रक्रिया और अवसरों की जानकारी साझा करने का मंच उपलब्ध कराया। अब छात्रों के सामने अपने प्रशिक्षण को प्रतियोगिता की तैयारी से जोड़ने का अवसर है। संस्थानों के प्रतिनिधि जानकारी आगे पहुंचाकर इस प्रयास में योगदान दे सकते हैं। आयोजन का प्रमुख संदेश युवाओं को अपने हुनर के प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना और राष्ट्रीय स्तर की कौशल प्रतियोगिता में उनकी भागीदारी बढ़ाना रहा।