जहरीली शराब से 16 मौतों का मामला मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी रवि लखेरा गिरफ्तार
मध्य प्रदेश : सागर में जहरीली शराब पीने से 16 लोगों की मौत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्रकरण के मुख्य आरोपियों में शामिल रवि लखेरा को शुक्रवार तड़के बरायथा के जंगल क्षेत्र में कथित मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। गोलीबारी के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी है। उसे उपचार के लिए बांदा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 45 वर्षीय रवि लखेरा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वह कथित रूप से अंतरराज्यीय शराब तस्करी से जुड़ा है और जहरीली शराब मामले में उसकी तलाश की जा रही थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर भदौरिया ने बताया कि आरोपी को जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित बरायथा जंगल से पकड़ा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को शुक्रवार तड़के रवि लखेरा के बरायथा जंगल इलाके में मौजूद होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने क्षेत्र में तलाशी शुरू की। पुलिस का दावा है कि घेराबंदी के दौरान आरोपी की ओर से गोलीबारी की गई। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद टीम ने उसे काबू में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
घायल अवस्था में पकड़े गए लखेरा को तत्काल इलाज के लिए बांदा स्थित अस्पताल ले जाया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। उपचार पूरा होने और चिकित्सकीय अनुमति मिलने के बाद उससे जहरीली शराब के निर्माण, आपूर्ति तथा वितरण से जुड़े बिंदुओं पर पूछताछ की जा सकती है।
जहरीली शराब के सेवन से 16 लोगों की मौत ने प्रशासन और आबकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। घटना के बाद अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े लोगों की तलाश तेज कर दी गई थी। मामले में रवि लखेरा का नाम मुख्य आरोपियों में सामने आने के बाद पुलिस उसकी संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही थी। अब उसकी गिरफ्तारी से मामले से जुड़े नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि जहरीली शराब कहां बनाई गई थी और उसे किन-किन माध्यमों से लोगों तक पहुंचाया गया। शराब बनाने के लिए किन पदार्थों का उपयोग हुआ तथा कच्चा माल कहां से खरीदा गया, यह भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इसके साथ ही अवैध शराब की खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने वाले लोगों की पहचान करने की कोशिश की जाएगी।
रवि लखेरा को अंतरराज्यीय शराब तस्कर बताए जाने के कारण जांच का दायरा दूसरे क्षेत्रों तक भी बढ़ सकता है। अधिकारी यह जानने का प्रयास करेंगे कि उसके संपर्क किन लोगों से थे और क्या उसका नेटवर्क एक से अधिक राज्यों में सक्रिय था। मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और परिवहन के साधनों से जुड़ी जानकारी इस नेटवर्क तक पहुंचने में मदद कर सकती है।
मामले में यह भी जांचा जाएगा कि जहरीली शराब की बिक्री किन स्थानों पर की गई और इसमें स्थानीय स्तर पर किसने सहयोग किया। अवैध शराब का कारोबार सामान्यतः निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री की कई कड़ियों के जरिए संचालित होता है। मुख्य आरोपी से पूछताछ के बाद इन सभी कड़ियों से जुड़े दूसरे लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
पुलिस कथित मुठभेड़ के घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों को भी एकत्र करेगी। घटनास्थल से हथियार, कारतूस या अन्य सामग्री बरामद होने की स्थिति में उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है। आरोपी और पुलिस की ओर से चली गोलियों का विवरण तथा मौके की परिस्थितियां आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा बनाई जाएंगी। घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद सामने आएगी।
जहरीली शराब से मौत के मामलों में केवल शराब बेचने वालों की भूमिका ही नहीं, बल्कि उसे तैयार करने वाले और कच्चा माल उपलब्ध कराने वाले लोगों की जिम्मेदारी भी तय की जाती है। जब्त सामग्री के रासायनिक परीक्षण से यह पता चल सकता है कि शराब में कौन सा जहरीला तत्व मौजूद था। प्रयोगशाला की रिपोर्ट मामले में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य साबित हो सकती है।
मृतकों के परिजनों के बयान भी जांच में महत्वपूर्ण होंगे। इससे यह जानकारी मिल सकती है कि शराब कहां से खरीदी गई थी, उसकी कीमत क्या थी और उसे बेचने वाले व्यक्ति की पहचान क्या है। पीड़ितों ने शराब का सेवन किस समय किया और उसके बाद कौन-कौन से लक्षण दिखाई दिए, इन तथ्यों से भी पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में सहायता मिल सकती है।
इस मामले ने अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए नियमित निगरानी की आवश्यकता को फिर उजागर किया है। ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में चोरी-छिपे तैयार की जाने वाली शराब में कई बार ऐसे रसायन मिलाए जाते हैं, जो मानव शरीर के लिए घातक साबित हो सकते हैं। कम कीमत पर मिलने वाली अवैध शराब के सेवन से लोगों की जान जाने के साथ स्थायी स्वास्थ्य नुकसान का भी खतरा रहता है।
प्रशासन के सामने अब इस मामले में शामिल पूरे गिरोह को चिह्नित करने की चुनौती है। यदि आरोपी का नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय पाया जाता है तो संबंधित राज्यों की एजेंसियों से भी जानकारी साझा की जा सकती है। अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति और बैंक खातों की जानकारी जुटाकर आर्थिक नेटवर्क की भी पड़ताल की जा सकती है।
पुलिस यह भी जांच सकती है कि आरोपी के खिलाफ पहले से कितने आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह किन क्षेत्रों में सक्रिय रहा है। उसके पुराने साथियों, परिचितों और संभावित सहयोगियों से पूछताछ के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश आगे बढ़ सकती है। हालांकि, रवि लखेरा पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के फैसले से ही होगी।
फिलहाल रवि लखेरा अस्पताल में उपचाराधीन है। उसकी हालत खतरे से बाहर बताए जाने के बाद अधिकारी आगे की कानूनी प्रक्रिया की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से जहरीली शराब के स्रोत, तस्करी के रास्तों और बिक्री से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी मिलेगी। 16 लोगों की मौत के इस गंभीर मामले में पीड़ित परिवार अब आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई और न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।