Uttar Pradesh: कड़ाके की ठंड और कोहरे ने बढ़ाई किसानों की चिंता, फसलें हो रही प्रभावित
Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में लगातार पड़ रहे घने कोहरे और ठंड से किसानों की चिंता बढ़ गई है। विशेष रूप से सरसों की फसल पर इसका प्रतिकूल असर देखा जा रहा है। सुबह-शाम लंबे समय तक छाए रहने वाले कोहरे के कारण खेतों में नमी अत्यधिक बढ़ गई है, जिससे सरसों के पौधों में रोग लगने की आशंका है और कई स्थानों पर फसल पीली पड़ने लगी है।किसानों के अनुसार, कोहरे की वजह से पौधों को पर्याप्त धूप नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी बढ़वार रुक गई है। इसके चलते फूलों और फलियों के बनने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। कई खेतों में सरसों की पत्तियों पर सफेद धब्बे और फफूंद जैसे लक्षण दिखाई देने लगे हैं, जो उत्पादन पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
वहीं, परवा गांव के किसान मोहनलाल पटेल ने बताया कि इस साल सरसों की फसल अच्छी थी, लेकिन पिछले कई दिनों से घना कोहरा पड़ने के कारण पौधे कमजोर हो गए हैं। उनके अनुसार, खेत में नमी बढ़ने से रोग फैलने का डर बना हुआ है। वहीं, हुल्का गांव के किसान योगेश यादव ने कहा कि धूप न निकलने से फसल की बढ़वार रुक गई है और यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो भारी नुकसान हो सकता है। किसानों ने कृषि विभाग से मार्गदर्शन और सहायता की मांग की है।
उनका कहना है कि समय पर सलाह और दवाइयों की जानकारी मिलने से नुकसान को कुछ हद तक रोका जा सकता है। कुछ किसानों ने फसल बीमा का मुद्दा भी उठाया और मांग की कि यदि नुकसान अधिक होता है तो उन्हें बीमा योजना के तहत मुआवजा मिलना चाहिए। वही, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि घने कोहरे की स्थिति में खेतों में जल निकासीस पर विशेष ध्यान देना चाहिए और रोग नियंत्रण के लिए उचित दवाओं का छिड़काव करना चाहिए। उनका मानना है कि मौसम साफ होते ही हल्की धूप मिलने से फसल को राहत मिल सकती है। फिलहाल, क्षेत्र के किसान मौसम में सुधार की उम्मीद लगाए हुए हैं।