राजगढ़ (मीरजापुर): उत्तर प्रदेश के मीरजापुर में राहगीरों को रोककर कथित रूप से जबरन चंदा मांगने का मामला सामने आया है। राजगढ़ थाना क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक लड़कियों का एक समूह लोगों से पैसे मांगता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने उनकी गतिविधियों को संदिग्ध बताते हुए पुलिस को सूचना दी। इस दौरान बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

घटना सोमवार सुबह राजगढ़ थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक किसान इंटर कॉलेज के सामने स्थित अंडरब्रिज के पास सुबह करीब 10 बजे लड़कियों का एक समूह मौजूद था। आरोप है कि ये लड़कियां रास्ते से गुजर रहे लोगों और वाहन चालकों को रोककर उनसे आर्थिक मदद के नाम पर पैसे मांग रही थीं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक समूह में आधा दर्जन से ज्यादा लड़कियां थीं। लोगों को उनका चंदा मांगने का तरीका संदिग्ध लगा। इसके बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंच गया और मामले की चर्चा होने लगी। मामले की जानकारी राजगढ़ थाना पुलिस को भी दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक लड़कियों का समूह वहां से निकल चुका था। बताया गया कि समूह सोनभद्र की तरफ चला गया था। इसके बाद राजगढ़ थाना प्रभारी बालमुकुंद मिश्रा ने सोनभद्र पुलिस को भी मामले की जानकारी दी।
इस मामले में एक पर्चे का भी जिक्र सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार चंदा मांगने वाली लड़कियों के पास मौजूद पर्चे में दावा किया गया था कि वे रानीपुर गांव की रहने वाली हैं और प्राकृतिक आपदा के कारण उनका घर तथा संपत्ति नष्ट हो गई है। पर्चे के जरिए आर्थिक मदद की अपील की जा रही थी। पर्चे में करीब 150 दिव्यांग बच्चों के लिए चलाए जा रहे कथित शिविर का भी उल्लेख किया गया था। उनके कपड़े, भोजन, रहने और शिक्षा की व्यवस्था के नाम पर लोगों से आर्थिक सहायता मांगे जाने की बात सामने आई है। हालांकि इन दावों की सत्यता की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इसी वजह से स्थानीय लोगों के बीच पूरे मामले को लेकर संदेह बढ़ गया। उनका कहना था कि अगर कोई संस्था या समूह किसी सामाजिक उद्देश्य के लिए चंदा जुटा रहा है तो उससे संबंधित स्पष्ट और सत्यापित जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि समूह किस संस्था से जुड़ा था और पैसे किस उद्देश्य से इकट्ठा किए जा रहे थे। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में इस तरह के संदिग्ध समूहों की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। वायरल वीडियो और स्थानीय शिकायतों के बाद पुलिस अब पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है। समूह की पहचान और चंदा मांगने के वास्तविक उद्देश्य की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी संदिग्ध व्यक्ति या समूह के दिखाई देने पर खुद कार्रवाई करने के बजाय पुलिस को तत्काल सूचना देने को कहा गया है। इससे किसी विवाद की स्थिति से बचने के साथ संबंधित लोगों की पहचान और दावों की जांच भी की जा सकती है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। हालांकि केवल वायरल वीडियो के आधार पर समूह को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। फिलहाल कथित जबरन वसूली और समूह द्वारा किए गए दावों की वास्तविकता पुलिस जांच का विषय है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लड़कियां कहां से आई थीं, वे किस संगठन या संस्था से जुड़ी थीं और उनके पास मौजूद पर्चे में किए गए दावे सही थे या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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