लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लगातार शासकीय व्यस्तताओं और प्रदेश के अलग-अलग जिलों के दौरों के बावजूद जनता की समस्याएं सुनने और उनके समाधान की प्रक्रिया में कोई कमी नहीं आई है। सोमवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित कर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों की फरियादें सुनीं। इस दौरान उन्होंने एक-एक कर लोगों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना और उनकी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सरकार की प्राथमिकता है। जनता दर्शन में पहुंचे लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक और आर्थिक समस्याओं के साथ-साथ रोजगार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी अपनी जरूरतें भी रखीं।

गोपालन के जरिए आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं पूनम

जनता दर्शन में सीतापुर की रहने वाली पूनम देवी की फरियाद भी पहुंची। पूनम देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह गोपालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। उनके पास पहले से पांच गाय हैं और वह अन्य गोवंश का पालन करने के लिए भी इच्छुक हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास पर्याप्त जगह उपलब्ध है, जहां अतिरिक्त गोवंश को रखा जा सकता है।

पूनम देवी की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी मदद का भरोसा दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले का परीक्षण कर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन से पूनम देवी को अपने रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है।

गोपालन को रोजगार से जोड़ने पर जोर

पूनम देवी का मामला केवल एक व्यक्तिगत सहायता की फरियाद नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार से भी जुड़ा हुआ है। गोपालन के जरिए ग्रामीण परिवार दूध उत्पादन और उससे जुड़े कार्यों से अपनी आय बढ़ा सकते हैं। पर्याप्त स्थान और संसाधन उपलब्ध होने पर पशुपालन को नियमित रोजगार के रूप में विकसित किया जा सकता है।

पूनम देवी पहले से पांच गायों का पालन कर रही हैं। ऐसे में उनकी इच्छा है कि गोवंश की संख्या बढ़ाकर इस काम को व्यापक रूप दिया जाए। इससे परिवार की आय में वृद्धि के साथ आत्मनिर्भर बनने की उनकी कोशिश को भी मजबूती मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने उनकी जरूरत को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को मदद की दिशा में कार्रवाई के निर्देश दिए।

फरियादियों की समस्याएं सुनते रहे सीएम

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने अलग-अलग क्षेत्रों से आए फरियादियों से संवाद किया। लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं सीधे रखीं। मुख्यमंत्री ने उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनता दर्शन में आमतौर पर भूमि विवाद, आर्थिक सहायता, इलाज, रोजगार, पारिवारिक विवाद, सरकारी योजनाओं का लाभ और प्रशासनिक स्तर पर लंबित मामलों से जुड़ी शिकायतें पहुंचती हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और तत्परता बरती जाए।

उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि फरियादियों को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। संबंधित विभाग शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करें और इसकी जानकारी शिकायतकर्ता तक भी पहुंचाएं।

व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद जनता से सीधा संवाद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सरकारी कार्यक्रम लगातार व्यस्त रहता है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में विकास परियोजनाओं, प्रशासनिक बैठकों और अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के बावजूद लखनऊ प्रवास के दौरान जनता दर्शन की परंपरा जारी है।

सोमवार को भी मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर लोगों से मुलाकात की। यह कार्यक्रम सरकार और आम जनता के बीच सीधे संवाद का माध्यम बना हुआ है। इसमें लोगों को अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखने का अवसर मिलता है।

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं। इससे शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने में तेजी आने की उम्मीद रहती है।

पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों को सहायता उपलब्ध कराना है।

पूनम देवी जैसे लोग जो स्वरोजगार के माध्यम से अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना चाहते हैं, उनके लिए सरकारी योजनाएं महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। गोपालन, पशुपालन और ग्रामीण रोजगार से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से ऐसे परिवारों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा सकता है।

अधिकारियों को संवेदनशीलता से काम करने की नसीहत

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फरियादी अपनी समस्या लेकर उम्मीद के साथ शासन और प्रशासन के पास आता है। इसलिए उसकी बात को गंभीरता से सुनना और नियमानुसार समाधान करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब पूनम देवी की फरियाद पर संबंधित विभागों की कार्रवाई पर नजर रहेगी। यदि उन्हें आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध होते हैं तो वह गोपालन का विस्तार कर अपने परिवार की आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।

आत्मनिर्भरता की राह को मिल सकता है सहारा

सीतापुर की पूनम देवी के पास पहले से पांच गाय हैं और पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध है। ऐसे में गोपालन को बड़े स्तर पर करने की उनकी इच्छा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रयास है। मुख्यमंत्री की ओर से तत्काल मदद का भरोसा मिलने के बाद उनके इस प्रयास को सरकारी सहयोग मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

सोमवार का जनता दर्शन एक बार फिर इस बात का उदाहरण बना कि मुख्यमंत्री की प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच भी आम लोगों की समस्याओं को सुनने की प्रक्रिया जारी है। पूनम देवी की फरियाद से लेकर अन्य शिकायतों तक मुख्यमंत्री ने लोगों की बातें सुनीं और अधिकारियों को उनके समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। सरकार की ओर से अब इन शिकायतों पर होने वाली कार्रवाई ही जनता दर्शन की सफलता को तय करेगी।

Tags: