Up News :साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने एक इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़ किया है और दो कुख्यात धोखेबाजों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग टेलीग्राम के ज़रिए चीनी साइबर अपराधियों के लिए काम करता था। इनके पास से भारी मात्रा में कैश, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक डॉक्यूमेंट्स और एक लग्जरी गाड़ी बरामद हुई है। इस गैंग के चार और सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि गुरुवार को इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए चलाए गए एक सफल ऑपरेशन में अभिषेक गुप्ता और शाश्वत अवस्थी को कटरा गोदाम्बा (लखनऊ) से गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों के पास से पुलिस ने 6,32,320 रुपये कैश, 11 मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड, 9 चेकबुक, 2 पासबुक, एक आधार कार्ड, एक कैश गिनने की मशीन, एक स्कॉर्पियो गाड़ी, नेपाल में जारी किया गया एक विदेशी सिम कार्ड और अन्य डिजिटल सबूत बरामद किए।एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि 18 सितंबर 2025 को रौनापार थाना क्षेत्र के गंगेपुर के रहने वाले भूपेंद्रनाथ यादव ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके बेटे आर्यन यादव को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया था, जहां उसे WOOCOMMERCE नाम की कंपनी के लिए काम करने और उनकी वेबसाइट पर प्रोडक्ट्स को बूस्ट करने के बदले ज़्यादा मुनाफे का लालच दिया गया।
इसके बाद आरोपियों ने उनसे अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाकर 12,64,249 रुपये की ठगी की। एसपी ग्रामीण ने बताया कि शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, आजमगढ़ में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान, 27 अक्टूबर 2025 को गैंग से जुड़े चार धोखेबाजों को गिरफ्तार किया गया। बुधवार को दो और कुख्यात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो इंटरनेशनल लेवल पर काम कर रहे थे। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी टेलीग्राम आईडी के ज़रिए चीनी साइबर अपराधियों के संपर्क में थे और ठगी का पैसा भारतीय बैंक खातों में लेते थे। फिर वे एटीएम और चेक के ज़रिए पैसे निकालते थे, उसे USDT क्रिप्टोकरेंसी में बदलते थे और अपने चीनी हैंडलर्स को भेज देते थे। एसपी ग्रामीण ने बताया कि मुख्य आरोपी अभिषेक गुप्ता अब तक लगभग 10 से 15 करोड़ रुपये क्रिप्टोकरेंसी में बदल चुका है।