AMU में सनसनीखेज वारदात छात्र को बंधक बनाकर किया ब्लैकमेल
AMU में ब्लैकमेलिंग कांड
गढ़: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) से जुड़े एक छात्र को कथित तौर पर बंधक बनाकर मारपीट करने, उसका अश्लील वीडियो बनाने और फिर उसे ब्लैकमेल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रकरण में एक आरोपी को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है, जबकि अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पीड़ित छात्र ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसे बहाने से एक स्थान पर बुलाया गया था। वहां पहुंचने के बाद आरोपियों ने उसे बंधक बना लिया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि छात्र को डराया-धमकाया गया और उसकी इच्छा के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो तैयार किया गया।
वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप
मामले का सबसे गंभीर पहलू कथित अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग का है। आरोप है कि वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद छात्र को धमकी दी गई कि यदि उसने आरोपियों की बात नहीं मानी तो इसे वायरल कर दिया जाएगा। इससे पीड़ित डर गया और कुछ समय तक घटना की जानकारी दूसरों को नहीं दे सका। बाद में मामला पुलिस तक पहुंचा। छात्र की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों का उद्देश्य केवल पैसे ऐंठना था या घटना के पीछे कोई पुरानी रंजिश अथवा अन्य विवाद भी था।
एक आरोपी गिरफ्तार
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के जरिए घटना से जुड़ी पूरी कड़ी समझने की कोशिश की जा रही है। उसके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच भी मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि कथित वीडियो किस डिवाइस से बनाया गया, उसे किसी अन्य व्यक्ति के पास भेजा गया या नहीं और क्या उसकी कोई कॉपी ऑनलाइन साझा की गई। डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित करना जांच का अहम हिस्सा है।
अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच
पीड़ित की शिकायत में यदि एक से अधिक लोगों की भूमिका सामने आई है तो पुलिस उनकी पहचान और तलाश कर रही है। घटना के समय कौन-कौन मौजूद था और किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही, इसका पता गवाहों, मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से लगाया जा सकता है। पुलिस यह भी जांच रही है कि इसी तरीके से किसी अन्य छात्र को निशाना बनाया गया था या नहीं। अगर ऐसा कोई मामला सामने आता है तो जांच का दायरा बढ़ सकता है।
परिसर में सुरक्षा को लेकर चिंता
AMU से जुड़े छात्र के साथ इस तरह की कथित घटना सामने आने के बाद विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है। बंधक बनाकर मारपीट और आपत्तिजनक वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग जैसे आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। किसी व्यक्ति की सहमति के बिना अंतरंग या आपत्तिजनक वीडियो बनाना अथवा उसे वायरल करने की धमकी देकर पैसे या कोई अन्य लाभ मांगना कानूनन गंभीर अपराध हो सकता है। ऐसी स्थिति में पीड़ित को धमकी के आगे झुकने के बजाय तुरंत कानून प्रवर्तन एजेंसी या साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता तथा ब्लैकमेलिंग के पीछे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।