लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों और संगठन की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति पर मंथन तेज कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष शुक्रवार शाम दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे। प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित कोर कमेटी की बैठक में उन्होंने सरकार और संगठन से प्रदेश के राजनीतिक हालात का फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुई बैठक में चुनावी तैयारी, संगठन के गठन और सेवा संकल्प अभियान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक का प्रमुख केंद्र विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की तैयारियों को गति देना रहा। सरकार और संगठन के बीच समन्वय के साथ जनता के विभिन्न वर्गों तक पहुंचने की रणनीति पर विचार किया गया। भाजपा नेतृत्व ने सेवा संकल्प अभियान को लेकर भी चर्चा की। इस अभियान के माध्यम से व्यापक जनसंपर्क की योजना पर मंथन हुआ। विधानसभा चुनाव से पहले हर वर्ग तक पहुंचने और लोगों के साथ संवाद बढ़ाने के लिहाज से इस अभियान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बीएल संतोष का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब पार्टी को संगठनात्मक कार्यों के साथ अलग-अलग चुनावों की तैयारियों को भी आगे बढ़ाना है। कोर कमेटी की बैठक में विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव की तैयारी का विषय शामिल रहा। इसके साथ राज्यसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। इन चुनावों और विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर एक ही बैठक में विचार किए जाने से स्पष्ट है कि पार्टी विभिन्न स्तरों पर अपनी राजनीतिक तैयारी की समीक्षा कर रही है।
प्रदेश भाजपा मुख्यालय में हुई इस बैठक में बीएल संतोष ने सरकार और संगठन से सियासी फीडबैक लिया। इस संवाद का उद्देश्य प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और पार्टी की तैयारियों को समझना रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सरकार और संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। विधानसभा चुनाव की तैयारी के संदर्भ में दोनों के बीच तालमेल अहम है, क्योंकि जनसंपर्क अभियान और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में उनकी अलग-अलग भूमिकाएं रहती हैं।
सेवा संकल्प अभियान बैठक के महत्वपूर्ण विषयों में शामिल रहा। विधानसभा चुनाव से पहले इस बड़े अभियान के जरिए समाज के हर वर्ग तक पहुंचने की रणनीति पर मंथन किया गया। पार्टी के सामने अपने जनसंपर्क को व्यापक बनाने और विभिन्न वर्गों के साथ संवाद मजबूत करने का लक्ष्य है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अभियान की शुरुआत की तारीख, अवधि और विस्तृत कार्यक्रम का उल्लेख नहीं है। फिलहाल बैठक में इसके राजनीतिक और संगठनात्मक महत्व के साथ लोगों तक पहुंचने की योजना पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।
विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव की तैयारी भी पार्टी के एजेंडे में रही। बैठक में इस चुनाव को लेकर तैयारियों पर विचार हुआ, लेकिन उम्मीदवारों के नाम या चयन से संबंधित किसी निर्णय का विवरण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में चर्चा को चुनावी तैयारी की समीक्षा के रूप में देखा जा सकता है। भाजपा के लिए आगामी चुनावों से जुड़े कार्यों को समय पर आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा। विधान परिषद चुनाव की तैयारी के साथ पार्टी नेतृत्व ने अन्य चुनावी विषयों को भी बैठक में स्थान दिया।
राज्यसभा चुनाव को लेकर हुई चर्चा भी इस बैठक का हिस्सा रही। हालांकि, इसके संबंध में किसी नाम, सीट या अंतिम रणनीति की जानकारी नहीं दी गई है। बैठक में राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों के साथ विधानसभा चुनाव की तैयारी पर विचार हुआ। इससे पार्टी की चुनावी प्राथमिकताओं का दायरा सामने आता है। अलग-अलग चुनावों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संगठन को तैयार रखना और संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाना इस पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पहलू रहेगा।
पार्टी संगठन के गठन का काम जल्द पूरा करने का विषय भी बैठक में उठा। संगठनात्मक गठन और चुनावी तैयारी का सीधा संबंध है, क्योंकि पार्टी की गतिविधियों को जमीन तक पहुंचाने में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भूमिका होती है। संगठन के गठन से जुड़े लंबित कार्य पूरे होने पर जिम्मेदारियों का निर्धारण और कार्यक्रमों का संचालन अधिक स्पष्ट हो सकता है। हालांकि, बैठक की उपलब्ध जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि किन इकाइयों के गठन का काम बाकी है या उसे पूरा करने के लिए कोई निश्चित समयसीमा तय की गई है।
विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर हुई चर्चा का व्यापक केंद्र जनता तक पहुंच और संगठन की सक्रियता रहा। सेवा संकल्प अभियान के जरिए हर वर्ग से संपर्क की रणनीति इसी दिशा का हिस्सा है। पार्टी नेतृत्व ने सरकार और संगठन से मिले फीडबैक के साथ चुनावी तथा संगठनात्मक विषयों पर विचार किया। बीएल संतोष की मौजूदगी में हुई यह बैठक भाजपा की आगामी राजनीतिक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण रही। अब इन चर्चाओं के बाद संगठन के गठन, अभियान की रूपरेखा और चुनावी तैयारियों से जुड़े अगले कदमों पर नजर रहेगी।