इमरजेंसी खिड़की से बाहर गिरा 9 महीने का बच्चा तलाश में जुटी टीम
परिवार के साथ सफर कर रहा मासूम चलती ट्रेन से गिरा
नई दिल्ली: सीमांचल एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। ट्रेन के स्लीपर कोच की इमरजेंसी खिड़की से कथित तौर पर नौ महीने का मासूम बच्चा नीचे गिर गया। घटना का पता चलते ही बच्चे के परिजनों में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना रेलवे और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को दी गई, जिसके बाद रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाके में बच्चे की तलाश शुरू की गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार परिवार सीमांचल एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में यात्रा कर रहा था। इसी दौरान बच्चा इमरजेंसी विंडो के पास पहुंच गया और अचानक चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। घटना इतनी तेजी से हुई कि परिवार को उसे संभालने का मौका नहीं मिला।
परिवार ने तुरंत दी सूचना
बच्चे के गिरने का पता चलते ही परिजनों ने ट्रेन में मौजूद कर्मचारियों और अन्य यात्रियों से मदद मांगी। रेलवे अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद उस रेलखंड की पहचान करने की कोशिश की गई जहां बच्चे के ट्रेन से गिरने की आशंका है। रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय स्तर पर संबंधित टीमों को सूचना देकर ट्रैक के आसपास तलाश शुरू कराई गई। बच्चे की उम्र महज नौ महीने होने के कारण परिजन बेहद परेशान हैं और जल्द से जल्द उसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
घटनास्थल की तलाश बड़ी चुनौती
चलती ट्रेन से किसी यात्री के गिरने की स्थिति में सटीक स्थान का पता लगाना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में ट्रेन की गति, घटना का अनुमानित समय और उस वक्त ट्रेन किस रेलवे स्टेशन या किलोमीटर प्वाइंट के बीच थी, इन जानकारियों की मदद से संभावित क्षेत्र निर्धारित किया जाता है। बच्चे के मामले में भी परिजनों से घटना के समय और आसपास दिखाई देने वाली जगहों के बारे में जानकारी ली जा रही है। इसके आधार पर रेलवे ट्रैक के किनारे खोज अभियान चलाया जा रहा है।
इमरजेंसी खिड़की कैसे खुली इसकी भी जांच
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि स्लीपर कोच की इमरजेंसी खिड़की से नौ महीने का बच्चा आखिर कैसे गिर गया। रेलवे कोच में इमरजेंसी विंडो आपात स्थिति में यात्रियों को बाहर निकालने के उद्देश्य से बनाई जाती है। इसकी संरचना सामान्य खिड़की से अलग हो सकती है। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि घटना के वक्त खिड़की किस स्थिति में थी और क्या उसमें किसी तरह की तकनीकी खराबी या सुरक्षा संबंधी कमी थी। साथ ही घटना से पहले वहां मौजूद यात्रियों से भी जानकारी ली जा सकती है।
ट्रैक के आसपास जारी तलाश
मामले की जानकारी मिलने के बाद बच्चे की तलाश को प्राथमिकता दी गई है। संभावित रेलखंड पर स्थानीय स्तर पर खोज की जा रही है। आसपास के रेलवे स्टेशनों और संबंधित कर्मचारियों को भी सतर्क किया गया है, ताकि बच्चे के बारे में कोई सूचना मिलते ही परिवार तक पहुंचाई जा सके।
घटना ने ट्रेन में छोटे बच्चों के साथ यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी की जरूरत को भी सामने रखा है। अभिभावकों को बच्चों को दरवाजों और इमरजेंसी खिड़कियों से दूर रखने तथा कोच में लगातार निगरानी रखने की सलाह दी जाती है। फिलहाल परिवार की निगाह बच्चे की तलाश में जुटी टीमों पर टिकी है। बच्चे की स्थिति और घटना के सटीक कारण को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।