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दिल्ली-एनसीआर
रोजाना 55 टन पनीर की खपत डिटर्जेंट से बने नकली पनीर ने बढ़ाई चिंता
nidhi
12 Sept 2026 9:02 AM IST

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55 टन पनीर नकली पनीर ने बढ़ाई चिंता
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में पनीर की भारी खपत के बीच इसकी गुणवत्ता और मिलावट को लेकर चिंता बढ़ रही है। बाजार से लेकर होटल, रेस्तरां और स्ट्रीट फूड तक पनीर की जबरदस्त मांग है। रिपोर्टों के मुताबिक दिल्ली में हर दिन करीब 55 टन पनीर की खपत होती है। इतनी बड़ी मांग को पूरा करने के लिए दिल्ली के साथ आसपास के राज्यों से भी बड़ी मात्रा में पनीर राजधानी की मंडियों में पहुंचता है। इसी मांग का फायदा उठाकर मिलावटखोर नकली या घटिया पनीर बाजार में खपाने की कोशिश करते हैं। दिल्ली की प्रमुख थोक मंडियों में शामिल ओखला में पहले नकली और मिलावटी पनीर पकड़े जाने के मामले सामने आ चुके हैं। खाद्य सुरक्षा से जुड़े अभियानों के दौरान संदिग्ध पनीर के नमूने लिए गए और जांच के बाद कार्रवाई की गई। कुछ मामलों में पनीर तैयार करने में दूध की जगह दूसरे पदार्थों और रसायनों के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आई हैं।
डिटर्जेंट से पनीर बनाने का दावा
ओखला मंडी से जुड़े एक मामले में कथित तौर पर डिटर्जेंट सहित हानिकारक पदार्थों के इस्तेमाल से तैयार नकली पनीर पकड़े जाने की बात सामने आई थी। इस तरह के मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि पनीर का इस्तेमाल घरों के अलावा रेस्तरां और ढाबों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। हालांकि किसी पनीर में डिटर्जेंट या अन्य रसायन होने की पुष्टि केवल प्रयोगशाला जांच से ही की जा सकती है। सिर्फ रंग, स्वाद या बनावट देखकर यह निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता कि पनीर मिलावटी है।
सस्ता पनीर बन सकता है खतरे की घंटी
दूध से सामान्य तरीके से पनीर तैयार करने में काफी मात्रा में दूध की जरूरत होती है। ऐसे में बाजार भाव से बहुत कम कीमत पर मिलने वाला पनीर संदेह पैदा कर सकता है। मिलावटखोर लागत कम करने के लिए घटिया दूध, स्टार्च, वनस्पति वसा या दूसरे पदार्थों का इस्तेमाल कर सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक उपभोक्ताओं को बेहद सस्ते पनीर के लालच में आने से बचना चाहिए। पनीर हमेशा भरोसेमंद और लाइसेंस प्राप्त दुकान या डेयरी से खरीदना बेहतर है। पैकेज्ड पनीर खरीदते समय पैकिंग की तारीख, एक्सपायरी डेट और FSSAI लाइसेंस नंबर जैसी जानकारी जरूर देखनी चाहिए।
त्योहार और शादी के सीजन में बढ़ती मांग
त्योहारी और शादी के सीजन में पनीर की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी दौरान मिलावट की आशंका भी बढ़ सकती है। पनीर टिक्का, शाही पनीर, मटर पनीर और दूसरे व्यंजनों की भारी मांग के चलते होटल और कैटरिंग कारोबार में बड़ी मात्रा में इसकी खरीद होती है। खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर बाजारों से दूध और दूध से बने उत्पादों के नमूने लेकर जांच करता है। नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
कैसे करें सावधानी?
घर पर किए जाने वाले कुछ सामान्य परीक्षण केवल शुरुआती संकेत दे सकते हैं, लेकिन उनसे मिलावट की निश्चित पुष्टि नहीं होती। इसलिए पनीर में असामान्य गंध, अत्यधिक रबड़ जैसी बनावट, खराब स्वाद या संदिग्ध रंग दिखाई दे तो उसका सेवन न करना बेहतर है। नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थ केवल आर्थिक धोखाधड़ी नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकते हैं। इसलिए दिल्ली जैसे बड़े बाजार में जहां रोजाना कई टन पनीर की खपत होती है, नियमित जांच के साथ उपभोक्ताओं की सतर्कता भी बेहद जरूरी है।
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