वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सरेराह एक युवती को स्कॉर्पियो में बैठाकर ले जाने की घटना ने सनसनी फैला दी। युवती के कथित अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और वाहन की तलाश शुरू कर दी। शुरुआती तौर पर मामला जितना गंभीर और रहस्यमय नजर आ रहा था, जांच आगे बढ़ने के साथ इसकी कहानी में चौंकाने वाला मोड़ सामने आया। पुलिस अब घटना से जुड़े सभी लोगों के बयान और परिस्थितियों की जांच कर वास्तविकता सामने लाने में जुटी है। जानकारी के मुताबिक युवती सड़क पर मौजूद थी। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो उसके पास आकर रुकी। कुछ ही देर बाद युवती को गाड़ी में बैठाकर वाहन वहां से निकल गया। घटनाक्रम देखकर आसपास मौजूद लोगों को अपहरण का संदेह हुआ और मामले की सूचना पुलिस तक पहुंची।
सूचना मिलते ही अलर्ट हुई पुलिस
सरेराह युवती को गाड़ी में ले जाने की जानकारी मिलते ही पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। स्कॉर्पियो की पहचान और उसके जाने वाले रास्ते का पता लगाने के लिए आसपास के कैमरों की रिकॉर्डिंग जांची गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए संबंधित थानों को भी अलर्ट किया गया। पुलिस की टीमें युवती और वाहन के बारे में जानकारी जुटाने में लग गईं। परिवार और परिचितों से संपर्क कर यह जानने की कोशिश की गई कि युवती की किसी व्यक्ति से पुरानी पहचान या विवाद तो नहीं था।
जांच में कहानी ने लिया नया मोड़
पुलिस की शुरुआती जांच में कुछ ऐसी जानकारियां सामने आईं, जिनसे कथित अपहरण की कहानी में नया मोड़ आ गया। जांच में युवती और घटना से जुड़े लोगों के बीच पहले से पहचान होने के पहलू की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह स्पष्ट करने में जुटी है कि युवती को जबरन स्कॉर्पियो में बैठाया गया था या पूरे घटनाक्रम के पीछे कोई व्यक्तिगत अथवा पारिवारिक मामला था। युवती का बयान इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीसीटीवी फुटेज से जोड़ी जा रही कड़ियां
पुलिस घटनास्थल के अलावा स्कॉर्पियो के संभावित रूट पर लगे कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि वाहन कहां-कहां गया और उसमें कितने लोग सवार थे। वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर और मालिक की जानकारी भी जांच में अहम साबित हो सकती है। इसके अलावा संबंधित लोगों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल जैसी तकनीकी जानकारी से घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा सकता है।
युवती के बयान से साफ होगी तस्वीर
मामले में पुलिस के लिए युवती का बयान बेहद अहम है। उसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसके साथ वास्तव में क्या हुआ और वह किन परिस्थितियों में स्कॉर्पियो में गई। यदि किसी तरह की जबरदस्ती, धमकी या दबाव की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि जांच में मामला आपसी पहचान या किसी व्यक्तिगत विवाद से जुड़ा निकलता है तो उसी आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। सरेराह हुई इस घटना ने कुछ समय के लिए इलाके में हड़कंप मचा दिया। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, संबंधित लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की वास्तविक कहानी सामने लाने की कोशिश कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जिसे शुरुआत में अपहरण समझा गया, उसके पीछे आखिर पूरा मामला क्या था।
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