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धोनी की धरती से फिर निकले नगीने दलीप ट्रॉफी में मचाया धमाल

nidhi
12 Sept 2026 11:52 AM IST
धोनी की धरती से फिर निकले नगीने दलीप ट्रॉफी में मचाया धमाल
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धोनी के बाद अब इन खिलाड़ियों ने बढ़ाया झारखंड का मान

स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय क्रिकेट को महेंद्र सिंह धोनी जैसा महान कप्तान देने वाला झारखंड अब एक बार फिर नई क्रिकेट प्रतिभाओं के कारण सुर्खियों में है। दलीप ट्रॉफी 2026-27 में ईस्ट जोन की खिताबी जीत में झारखंड के खिलाड़ियों का बड़ा योगदान रहा। कप्तान ईशान किशन से लेकर कुमार कुशाग्र, शिखर मोहन, अनुकूल रॉय और मोहम्मद कूनैन कुरैशी तक कई खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से यह संकेत दिया कि झारखंड की क्रिकेट फैक्ट्री लगातार नए नगीने तैयार कर रही है।

ईशान किशन बने सबसे बड़ा चेहरा
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान किशन ने शानदार 270 रन की पारी खेलकर सबका ध्यान खींच लिया। उन्होंने 334 गेंदों की अपनी पारी में 30 चौके और सात छक्के लगाए। गर्म और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद ईशान ने लंबी पारी खेलकर अपनी रेड-बॉल बल्लेबाजी की क्षमता दिखाई।
ईशान पहले ही भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं, लेकिन दलीप ट्रॉफी में उनका यह प्रदर्शन टेस्ट टीम में वापसी की दावेदारी को फिर मजबूत करता दिखाई दिया। कप्तान के तौर पर भी उन्होंने ईस्ट जोन को मजबूत नेतृत्व दिया।
कुमार कुशाग्र ने भी ठोका शतक
झारखंड के विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने भी फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ईशान किशन के साथ 230 रन की बड़ी साझेदारी की और शतक जमाया। उनकी 101 रन की पारी ने साबित किया कि झारखंड के पास विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में केवल ईशान ही नहीं, बल्कि एक और मजबूत विकल्प तैयार हो रहा है।
शिखर मोहन ने डेब्यू में छोड़ी छाप
युवा बल्लेबाज शिखर मोहन ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में 85 रन की अहम पारी खेली। खास बात यह रही कि उन्होंने अपने प्रदर्शन का श्रेय ईशान किशन की सलाह और मार्गदर्शन को भी दिया। शिखर का यह प्रदर्शन बताता है कि झारखंड की नई पीढ़ी घरेलू क्रिकेट में तेजी से आगे बढ़ रही है।
कूनैन कुरैशी और अनुकूल रॉय भी चमके
झारखंड से आने वाले मोहम्मद कूनैन कुरैशी ने भी टूर्नामेंट में अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया और शतक जमाया। वहीं अनुभवी ऑलराउंडर अनुकूल रॉय ने बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया। फाइनल मुकाबले में झारखंड के खिलाड़ियों की मौजूदगी और प्रदर्शन ने ईस्ट जोन की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई।
दलीप ट्रॉफी 2026-27 के लिए ईस्ट जोन के मूल स्क्वॉड में झारखंड से ईशान किशन, कुमार कुशाग्र, शिखर मोहन, अनुकूल रॉय और विराट सिंह चुने गए थे। बाद में कूनैन कुरैशी को भी टीम में शामिल किया गया।
धोनी का असर अब भी कायम
महेंद्र सिंह धोनी ने झारखंड क्रिकेट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। भले ही वह अब घरेलू क्रिकेट में सक्रिय नहीं हैं, लेकिन राज्य के युवा खिलाड़ियों पर उनका असर आज भी दिखाई देता है। रिपोर्टों के मुताबिक धोनी औपचारिक भूमिका में न रहते हुए भी झारखंड के कई खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शक बने हुए हैं।
ईस्ट जोन ने इस बार दलीप ट्रॉफी का खिताब 14 साल बाद जीता। इस सफलता में झारखंड के खिलाड़ियों का योगदान यह संकेत देता है कि राज्य अब केवल धोनी की विरासत पर निर्भर नहीं है, बल्कि लगातार नए क्रिकेटर तैयार कर रहा है।
ईशान किशन के 270 रन, कुशाग्र का शतक, शिखर मोहन की 85 रन की पारी और कूनैन कुरैशी-अनुकूल रॉय के प्रदर्शन ने दलीप ट्रॉफी में झारखंड क्रिकेट की ताकत की शानदार झलक दिखा दी है।
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