पलियाकलां। उत्तर प्रदेश के पलियाकलां क्षेत्र में अतरिया रेलवे क्रॉसिंग के पास रेल लाइन के नीचे से रिसाव की समस्या के चलते मैलानी-नानपारा रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन पिछले तीन दिनों से बंद है। रेल सेवा प्रभावित होने से किसानों और आम यात्रियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
रेल प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी है। हालांकि, स्थानीय लोगों और किसानों का कहना है कि रेल लाइन बंद करने के वास्तविक कारणों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जल्द से जल्द ट्रेन संचालन बहाल किया जाना चाहिए।
इस मामले को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन (रजि.) के जिला उपाध्यक्ष तेजिंदर सिंह ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने रेल लाइन बंद होने के मामले की जांच कराने और यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रेल संचालन तत्काल शुरू करने की मांग की है।
किसान नेताओं का कहना है कि अतरिया रेलवे क्रॉसिंग के पास रेल लाइन के नीचे रिसाव की बात कही जा रही है, लेकिन मौके पर रिसाव की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
तेजिंदर सिंह ने कहा कि रेल सेवा बंद होने से क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर किसानों, मजदूरों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।
किसानों का कहना है कि मैलानी-नानपारा रेल मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परिवहन माध्यम है। लंबे समय तक ट्रेन संचालन बंद रहने से लोगों की समस्याएं बढ़ सकती हैं।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि रेल लाइन पर स्लीपर बदलने का काम किस ठेकेदार को दिया गया है, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए। किसानों ने काम की गुणवत्ता और प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रेल लाइन में तकनीकी समस्या है तो उसका समाधान जल्द किया जाना चाहिए। लेकिन बिना स्पष्ट जानकारी के लंबे समय तक रेल संचालन बंद रखना आम जनता के हित में नहीं है।
रेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेनों का संचालन रोका गया है। रेलवे अधिकारी मौके की स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं और आवश्यक मरम्मत कार्य किए जाने की बात कही जा रही है।
रेलवे ट्रैक की सुरक्षा को देखते हुए तकनीकी जांच और मरम्मत का काम महत्वपूर्ण माना जाता है। किसी भी तरह की लापरवाही यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।
हालांकि, किसान संगठनों का कहना है कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और स्थानीय लोगों को भी वास्तविक स्थिति की जानकारी दी जानी चाहिए।
ट्रेन सेवा बंद होने से आसपास के गांवों के लोगों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी बढ़ रही है।
स्थानीय किसानों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर मामले का समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि रेल सेवा जल्द बहाल होने से लोगों को राहत मिलेगी।
रेलवे प्रशासन की ओर से अभी तक संचालन शुरू करने की अंतिम समय सीमा स्पष्ट नहीं की गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक की सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
मामले को लेकर अब किसानों और रेल प्रशासन के बीच चर्चा की संभावना है। क्षेत्र के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही तकनीकी समस्या का समाधान कर ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू किया जाएगा।
फिलहाल मैलानी-नानपारा रेल मार्ग पर स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है और प्रशासन व रेलवे विभाग की कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।