उत्तरप्रदेश: बाराबंकी जिले में सरयू नदी का जलस्तर भले ही कम हो गया लेकिन बाढ़ क्षेत्र के लोगों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही है. नदी का जलस्तर कम होते ही कटान तेज हो गई है. रामनगर क्षेत्र के जमका गांव के एक व्यक्ति का घर देखते ही देखते नदी में समा गया. गांवों के पास हो रही कटान को लेकर प्रशासन राहत बचाव कार्य में लग गया है लेकिन कटान नहीं रुक पा रहा है.
बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर भले ही खतरे के निशान नीचे आ गया है लेकिन तराई क्षेत्र के गांवों में कटान और तेज हो गई. रामनगर तहसील क्षेत्र के जमका गांव में एक व्यक्ति रामसमुंन को मुख्यमंत्री आवास मिला था वो भी देखते ही देखते नदी में समा गया है. इसके अलावा कई और मकान तथा स्कूल नदी के निशाने पर है. नदी की कटान को देखते हुए लोग अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है.
कटान की मुहाने पर कई घर
जिले कीरामनगर तहसील क्षेत्र के बबूरी सुंदर गांव सरसंडा, जमका गांव में कटान तेज है. कटान के चलते नदी में कई मकान झोपड़ी और सैकड़ो बीघा फसले समा गई है.वहीं रामसमुन ने बताया हमे प्रधानमंत्री आवास मिला था वो भी नदी में बह गया है और भी कई मकान लोगों के थे वह भी बह गए हैं. अब हम कहां रहेंगे हमारे पास तो रहने के लिए कुछ भी नहीं बचा और सरकार की तरफ से हम लोगों को यहां कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है.