Aligarh. अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और रायबरेली जिलों में सांप के डसने से तीन लोगों की मौत का मामला सामने आया है। अलीगढ़ के अतरौली कोतवाली क्षेत्र के बिधीपुर गांव में रविवार रात जहरीले सांप के डसने से मां और उनके 12 वर्षीय बेटे की मौत हो गई। वहीं रायबरेली के बछरावां क्षेत्र के कन्नावां गांव में घर में काम करने के दौरान जहरीले सांप के डसने से 27 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। लगातार सामने आई इन घटनाओं से संबंधित इलाकों में दहशत का माहौल है।

अलीगढ़ के बिधीपुर गांव में हुए हादसे के अनुसार गेंदालाल की पत्नी पिंकी देवी, उम्र करीब 35 वर्ष, अपने 12 वर्षीय बेटे निर्भय और बेटी के साथ कमरे में सो रही थीं। रविवार रात करीब दो बजे अचानक एक जहरीला सांप कमरे में पहुंच गया। बताया गया कि सांप पिंकी देवी के ऊपर चढ़ गया। महिला ने सांप को हटाने की कोशिश की, इसी दौरान सांप उनके बेटे निर्भय पर जा गिरा और दोनों को डस लिया। सर्पदंश के बाद मां और बेटे की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजनों ने तत्काल दोनों को अतरौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिजनों ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद इलाज के दौरान मां और बेटे की मौत हो गई।

पिंकी देवी अतरौली सीएचसी में थीं आशा कार्यकर्ता
मृतका पिंकी देवी पिछले करीब दो वर्षों से अतरौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ता के पद पर कार्यरत थीं। उनकी मौत की खबर मिलते ही स्वास्थ्य केंद्र में शोक का माहौल बन गया। बताया गया कि घटना के बाद सीएचसी में आधे दिन का शोक अवकाश घोषित किया गया। सहकर्मियों ने पिंकी देवी के निधन पर गहरा दुख जताया। घटना की जानकारी मिलने के बाद अतरौली नगर पालिका परिषद के चेयरमैन वीरेंद्र सिंह लोधी और जिला पंचायत सदस्य केपी सिंह मिस्त्री भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। गेंदालाल के बड़े भाई और ग्रामीण प्रधान रामेश्वर दयाल सहित गांव के लोगों ने भी घटना पर गहरा दुख जताया। एक साथ पत्नी और इकलौते बेटे को खोने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद गांव में शोक के साथ-साथ सांप को लेकर डर का माहौल भी बना हुआ है। ग्रामीणों में रात के समय घरों में सांपों के प्रवेश को लेकर चिंता बढ़ गई है। बरसात के मौसम में सांपों के बिलों और खेतों से निकलकर घरों या आबादी वाले इलाकों में पहुंचने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
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