Illegal construction, के खिलाफ संभल प्रशासन सख्त, ईदगाह-मस्जिद समेत दो मकान ध्वस्त
be careful संभल : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने मंगलवार को अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। असमोली थाना क्षेत्र में कथित रूप से सरकारी और निजी भूमि पर किए गए निर्माणों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई के दौरान ईदगाह, मस्जिद और दो मकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रशासन ने यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में किए जाने की बात कही है।
मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुई कार्रवाई के दौरान सबसे पहले करीब 25 फीट ऊंची ईदगाह की मीनार को गिराया गया। इसके बाद अन्य निर्माणों को हटाने का काम जारी रहा। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर चिह्नित किए गए निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। कार्रवाई स्थल पर पुलिस, पीएसी और आरएएफ के करीब 100 जवान तैनात किए गए थे। इसके अलावा दो नायब तहसीलदार, आठ लेखपाल और राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए आसपास के क्षेत्र में आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई थी।
प्रशासन के अनुसार, राजस्व जांच में करीब छह बीघा भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि इसमें लगभग चार बीघा भूमि सरकारी कब्रिस्तान की है, जबकि करीब 70 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर ईदगाह और मस्जिद का निर्माण किया गया था। इसके अलावा करीब दो बीघा भूमि एक महिला की निजी संपत्ति बताई गई है, जिस पर कथित रूप से कब्जा कर दो मकान बनाए गए थे।
अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला जनवरी 2026 में सामने आया था, जब ग्रामीणों ने तत्कालीन जिलाधिकारी से सरकारी कब्रिस्तान की भूमि पर किए गए निर्माण की शिकायत की थी। शिकायत के बाद राजस्व विभाग की ओर से भूमि की पैमाइश कराई गई, जिसमें निर्माण को अवैध पाया गया।
इसके बाद तहसीलदार न्यायालय ने 21 अप्रैल 2026 को ईदगाह और मस्जिद को हटाने का आदेश जारी किया था। वहीं, दो मकानों से जुड़े मामले में भूमि स्वामी पक्ष ने दावा किया कि उनकी मां ने वर्ष 2022 में जमीन खरीदी थी, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने उस पर कब्जा कर निर्माण कर लिया। यह मामला एसडीएम कोर्ट से होते हुए हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां फैसला भूमि स्वामी के पक्ष में आया।
इसके बाद 8 जुलाई 2026 को एसडीएम की ओर से अवैध निर्माण हटाने का आदेश जारी किया गया। इसी आदेश के आधार पर मंगलवार को प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी और निजी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। वहीं, कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की गई।