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Power आपूर्ति में लापरवाही पड़ी भारी, मेरठ के 7 इंजीनियरों के तबादले

Meerut मेरठ : जिले में लगातार हो रही बिजली कटौती और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के प्रबंधन ने सख्त कदम उठाया है। उपभोक्ताओं की शिकायतों और बिजली व्यवस्था में लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पीवीवीएनएल के एमडी पावर रवीश गुप्ता ने एक अधीक्षण अभियंता, एक अधिशासी अभियंता और पांच उपखंड अधिकारियों (एसडीओ) के तबादले कर दिए हैं।
एमडी की इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बिजली आपूर्ति व्यवस्था, फॉल्ट निस्तारण और उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान की समीक्षा की गई थी। इसमें कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
कार्रवाई की जद में मेरठ शहरी क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता मोहम्मद अरशद भी आए हैं। उन्हें फिलहाल एमडी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं 33 केवी के अधिशासी अभियंता अंकित वशिष्ठ का भी तबादला कर दिया गया है। उन्हें मेरठ से हटाकर देवबंद, सहारनपुर भेजा गया है।
इसके अलावा एमडी रवीश गुप्ता ने पांच एसडीओ के खिलाफ भी कार्रवाई की है। इनमें मोहम्मद जसीम अख्तर, अमित कुमार मिश्रा, संतोष कुमार, सतीश चंद्र और रूपेश कुमार के नाम शामिल हैं। इन अधिकारियों के तबादले को बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग के बीच शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही थीं। कई इलाकों में उपभोक्ताओं ने लंबे समय तक बिजली बाधित रहने, फॉल्ट ठीक करने में देरी और शिकायतों के समाधान में लापरवाही की शिकायतें की थीं।
पीवीवीएनएल प्रबंधन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना और शिकायतों का समय पर निस्तारण करना प्राथमिकता होनी चाहिए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
एमडी रवीश गुप्ता की इस कार्रवाई को विभाग में जिम्मेदारी तय करने और कामकाज में सुधार लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में अन्य अधिकारियों के कामकाज की भी समीक्षा की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।
बिजली विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और बिजली संबंधी समस्याओं का तेजी से समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।





