अयोध्या : मछली भोज को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब टीवी डिबेट तक पहुंच गया है। सोमवार को एक टीवी चैनल पर बहस के दौरान हनुमानगढ़ी के संत राजू दास कांग्रेस प्रवक्ता के साथ तीखी बहस में उलझ गए। देखते ही देखते बहस ने इतना उग्र रूप ले लिया कि राजू दास ने कांग्रेस प्रवक्ता को जूते मारने की धमकी दे दी। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया। टीवी डिबेट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
मामला अयोध्या में आयोजित बताए जा रहे मछली भोज से जुड़ा है। इस आयोजन को लेकर पहले से ही राजनीतिक और धार्मिक विवाद बना हुआ है। मामला करीब तीन दिन पुराना है, लेकिन सोमवार को रायबरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधे जाने के बाद विवाद ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया। मुख्यमंत्री के बयान के बाद कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई और इसी बीच टीवी चैनलों पर इस मुद्दे को लेकर बहस का दौर शुरू हो गया।
इसी क्रम में एक टीवी डिबेट के दौरान संत राजू दास और कांग्रेस प्रवक्ता के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बहस के दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप बढ़ते गए। इसी दौरान राजू दास अपना आपा खो बैठे और कांग्रेस प्रवक्ता को जूते मारने की धमकी दे दी। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। पार्टी की ओर से राजू दास के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी किए जाने की बात सामने आई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर किसी राजनीतिक दल के प्रवक्ता को धमकी देना और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना स्वीकार्य नहीं है। पार्टी इस मामले में पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रही है।
वहीं, मछली भोज को लेकर अयोध्या में भी शिकायत का मामला सामने आया है। अयोध्या के एक थाने में मछली भोज से धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई है। शिकायत में आयोजन को लेकर आपत्ति जताई गई है और मामले में कार्रवाई की मांग की गई है। इस शिकायत के बाद विवाद ने स्थानीय स्तर पर भी नया मोड़ ले लिया है।
दरअसल, मछली भोज को लेकर विवाद उस समय शुरू हुआ जब अयोध्या में इसके आयोजन की खबर सामने आई। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और समर्थकों की ओर से इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर सवाल उठाए गए, जबकि कांग्रेस की ओर से इसे राजनीतिक मुद्दा बनाए जाने पर सवाल खड़े किए गए।
सोमवार को रायबरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मुद्दे का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री के बयान के बाद कांग्रेस की ओर से पलटवार किया गया। इसके बाद सोशल मीडिया और टेलीविजन डिबेट में यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया। इसी दौरान संत राजू दास का टीवी डिबेट वाला वीडियो सामने आने से विवाद और गहरा गया।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। एक तरफ लोग संत राजू दास के कथित बयान और भाषा की आलोचना कर रहे हैं, तो दूसरी ओर कुछ लोग मछली भोज को लेकर उठाए जा रहे धार्मिक भावनाओं के सवालों का समर्थन कर रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर सामने आए दावों की स्वतंत्र पुष्टि और पूरे डिबेट के संदर्भ को अलग-अलग स्तर पर देखा जाना जरूरी है।
मछली भोज का विवाद अब केवल धार्मिक भावनाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी नया मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री के बयान, कांग्रेस के पलटवार, पुलिस को दी गई तहरीर और टीवी डिबेट में हुई तीखी बहस ने मामले को और ज्यादा तूल दे दिया है।
फिलहाल कांग्रेस की ओर से राजू दास के खिलाफ शिकायत की तैयारी और अयोध्या में धार्मिक भावनाएं आहत होने की शिकायत के बाद सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर है। आने वाले दिनों में यह विवाद राजनीतिक मंचों के साथ-साथ कानूनी स्तर पर भी आगे बढ़ सकता है।