लवि का तीसरा कैंपस सरोजनी नगर में, 50 हेक्टेयर जमीन तय

Update: 2026-08-05 12:12 GMT

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय (लवि) के तीसरे कैंपस की स्थापना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सरोजनी नगर क्षेत्र में नया परिसर विकसित करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। इसके लिए सरोजनी नगर के पिपरसंड गांव के पास करीब 50 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराने पर सहमति बन चुकी है। हालांकि, यह जमीन सीधे लखनऊ विश्वविद्यालय को हस्तांतरित नहीं की जाएगी, बल्कि इसके लिए तय प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई पूरी की जाएगी।

लखनऊ विश्वविद्यालय का विस्तार करने और उच्च शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से तीसरे कैंपस की योजना तैयार की गई है। प्रस्तावित कैंपस के बनने से राजधानी के आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध गतिविधियों का भी विस्तार होगा।

जानकारी के अनुसार, सरोजनी नगर के पिपरसंड गांव के पास चिन्हित की गई जमीन को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच सहमति बन चुकी है। अब जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है। हालांकि, जमीन सीधे विश्वविद्यालय के नाम नहीं की जाएगी, बल्कि सरकार और संबंधित विभागों के माध्यम से निर्धारित नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन लंबे समय से नए कैंपस की जरूरत महसूस कर रहा था। वर्तमान में लखनऊ विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर और अन्य परिसरों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नए कैंपस के निर्माण से विश्वविद्यालय पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी और नए पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए भी पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा।

प्रस्तावित तीसरे कैंपस में विभिन्न संकायों, विभागों और आधुनिक सुविधाओं को विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसमें कक्षाओं के साथ-साथ शोध केंद्र, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, छात्रावास और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित किए जाने की संभावना है।

शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि लखनऊ जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार जरूरी है। नए कैंपस से न केवल स्थानीय विद्यार्थियों को फायदा होगा, बल्कि आसपास के जिलों से आने वाले छात्रों के लिए भी शिक्षा के नए विकल्प उपलब्ध होंगे।

सरोजनी नगर क्षेत्र को नए शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। यहां बेहतर कनेक्टिविटी और उपलब्ध जमीन को देखते हुए कई बड़े प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय का नया कैंपस भी इसी विकास योजना का हिस्सा माना जा रहा है।

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कैंपस निर्माण की रूपरेखा तैयार करने का काम आगे बढ़ाया जा रहा है। जमीन मिलने के बाद भवन निर्माण, बजट, विभागों के विस्तार और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत योजना बनाई जाएगी।

हालांकि, अभी जमीन हस्तांतरण की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी जरूरी अनुमतियां और प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।

लखनऊ विश्वविद्यालय प्रदेश के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों में शामिल है। समय के साथ यहां विद्यार्थियों की संख्या और पाठ्यक्रमों में लगातार वृद्धि हुई है। तीसरे कैंपस की स्थापना को विश्वविद्यालय के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रस्तावित कैंपस के शुरू होने से शिक्षा, शोध और रोजगार के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र के विकास को भी गति मिल सकती है और आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

फिलहाल विश्वविद्यालय और प्रशासनिक स्तर पर इस परियोजना को आगे बढ़ाने की कवायद जारी है। आने वाले समय में जमीन हस्तांतरण और निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय के तीसरे कैंपस का सपना साकार होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकेगा।

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