आगरा। आगरा कैंट जीआरपी ने ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाकर चोरी की वारदात करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। जीआरपी ने गिरोह के दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें पीलीभीत निवासी पुनीत और लखनऊ निवासी आकाश शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपित ट्रेनों में सफर करने वाली महिला यात्रियों को मुख्य रूप से अपना निशाना बनाते थे। पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं।

जीआरपी के अनुसार, दोनों आरोपितों ने आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों में चोरी की 29 घटनाओं को अंजाम दिया था। पुलिस अब आरोपितों से पूछताछ कर चोरी की अन्य वारदातों और गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

विलासितापूर्ण जीवनशैली ने बनाया चोर

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित पुनीत एक संपन्न परिवार से ताल्लुक रखता है। उसके पिता सेवानिवृत्त सूबेदार हैं, जबकि उसका भाई वायुसेना में कार्यरत है और बहन डॉक्टर है। पुनीत खुद भी NEET की परीक्षा दे चुका है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी होने के बावजूद उसे महंगी और विलासितापूर्ण जीवनशैली जीने की आदत थी।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अपनी जीवनशैली और खर्चों को पूरा करने के लिए पुनीत धीरे-धीरे अपराध की ओर बढ़ गया। शुरुआत में वह ट्रेनों में यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखता था और मौका मिलते ही सामान पार कर देता था। बाद में उसने इस काम में आकाश को भी अपने साथ जोड़ लिया।

पुलिस का कहना है कि आरोपित बेहद शातिर तरीके से यात्रियों को निशाना बनाते थे। वे ट्रेन में महिला यात्रियों पर नजर रखते और उनके सामान, मोबाइल फोन, बैग तथा अन्य कीमती वस्तुओं की जानकारी जुटाते थे। मौका मिलते ही सामान लेकर फरार हो जाते थे।

प्रेमिका के इलाज में खर्च हुए 80 लाख रुपये

पुनीत के बारे में पूछताछ के दौरान पुलिस को उसकी अपराध की दुनिया में जाने की एक और वजह का पता चला। बताया गया कि उसकी प्रेमिका कैंसर से पीड़ित थी और उसके इलाज में पुनीत ने करीब 80 लाख रुपये खर्च कर दिए थे।

पुलिस के अनुसार, प्रेमिका के इलाज के दौरान बड़ी रकम खर्च होने के बाद पुनीत पर आर्थिक दबाव बढ़ गया। हालांकि, पुलिस ने यह भी बताया कि पुनीत की महंगी जीवनशैली और खर्च करने की आदत पहले से थी। इलाज के खर्च और विलासितापूर्ण जीवनशैली की जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने अपराध का रास्ता अपना लिया।

पूछताछ में सामने आई इस जानकारी ने पुलिस को भी चौंका दिया। एक संपन्न परिवार से आने वाला और खुद NEET की परीक्षा दे चुका युवक किस तरह ट्रेनों में चोरी करने वाले गिरोह का हिस्सा बन गया, यह मामला अब जांच का प्रमुख बिंदु है।

महिला यात्रियों को बनाते थे निशाना

सीओ जीआरपी राजेश दीक्षित ने बताया कि आगरा कैंट क्षेत्र में ट्रेनों में चोरी की लगातार हो रही घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस को आरोपितों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने सुराग जुटाकर पीलीभीत निवासी पुनीत और उसके साथी लखनऊ निवासी आकाश को गिरफ्तार किया।

जांच में पता चला कि आरोपित विशेष रूप से महिला यात्रियों को निशाना बनाते थे। ट्रेन में यात्रा के दौरान वे पहले यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखते थे। इसके बाद ऐसा मौका तलाशते थे जब यात्री अपने सामान के प्रति कुछ देर के लिए लापरवाह हो जाए। इसी दौरान वे बैग या अन्य कीमती सामान लेकर निकल जाते थे।

जीआरपी अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपित किन-किन ट्रेनों में सक्रिय रहे और उनके निशाने पर कौन-कौन से रूट थे। पुलिस द्वारा दर्ज 29 घटनाओं के अलावा अन्य मामलों में भी उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।

परिवार की पृष्ठभूमि के बावजूद अपराध की राह

पुनीत की पारिवारिक पृष्ठभूमि ने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पिता के सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार होने, भाई के वायुसेना में होने और बहन के डॉक्टर होने के बावजूद पुनीत का अपराध की राह पर जाना कई सवाल खड़े करता है।

पुलिस के मुताबिक, पुनीत पढ़ाई में भी आगे बढ़ने की कोशिश कर चुका था और उसने NEET परीक्षा दी थी। इसके बावजूद धीरे-धीरे उसकी प्राथमिकताएं बदलती गईं। महंगी जीवनशैली और लगातार बढ़ते खर्चों ने उसे गलत रास्ते पर धकेल दिया।

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश

दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद जीआरपी अब गिरोह के संभावित अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी के बाद आरोपित सामान को कहां और किसके माध्यम से बेचते थे। बरामद सामान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस चोरी की घटनाओं की कड़ियां जोड़ रही है।

जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों को अपने सामान के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। विशेष रूप से रात के समय या भीड़भाड़ वाले डिब्बों में यात्रियों को अपने बैग, मोबाइल और अन्य कीमती सामान को सुरक्षित रखना चाहिए।

आगरा कैंट जीआरपी की कार्रवाई से ट्रेनों में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपितों से पूछताछ कर रही है और 29 घटनाओं के अलावा उनकी अन्य आपराधिक गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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