उत्तर प्रदेश

पेट्रोल पंप पर टैंकर के पास लगी आग, कर्मचारियों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

Kavita2
15 Sept 2026 5:39 PM IST
पेट्रोल पंप पर टैंकर के पास लगी आग, कर्मचारियों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
x

आगरा। प्रतापपुरा स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप पर मंगलवार दोपहर अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय कई हजार लीटर पेट्रोल लेकर आया एक टैंकर पंप परिसर में खड़ा था और उससे ईंधन खाली करने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान टैंकर के पास पंप के एक हिस्से में कथित तौर पर चिंगारी उठी और आग लग गई। कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए अग्निशमन उपकरणों की सहायता से आग पर समय रहते काबू पा लिया। इससे घनी आबादी के बीच एक बड़ा हादसा टल गया।

घटना मंगलवार दोपहर करीब 3:45 बजे की बताई जा रही है। प्रतापपुरा में एमजी रोड पर स्थित पेट्रोल पंप पर सामान्य रूप से वाहनों में ईंधन भरने का काम चल रहा था। इसी दौरान पेट्रोल लेकर पहुंचा टैंकर निर्धारित स्थान पर खड़ा था। कर्मचारी टैंकर से भूमिगत टैंक में पेट्रोल उतारने की तैयारी कर रहे थे। तभी पास में अचानक चिंगारी निकलने के बाद आग की लपटें दिखाई दीं।

आग देखकर पंप परिसर में मौजूद कर्मचारियों और वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद लोगों को सबसे अधिक डर पेट्रोल से भरे टैंकर तक आग पहुंचने का था। यदि आग टैंकर अथवा पेट्रोल के संपर्क में आ जाती तो बड़ा विस्फोट हो सकता था। घटनास्थल के आसपास घनी आबादी, दुकानें और व्यस्त सड़क होने के कारण हादसे की गंभीरता कई गुना बढ़ सकती थी।

पंप कर्मचारियों ने घबराने के बजाय तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय की। वहां रखे फायर एक्सटिंग्यूशर निकालकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। कुछ ही समय में कर्मचारियों ने लपटों पर काबू पा लिया। आग को टैंकर और ईंधन वितरण मशीनों तक पहुंचने से रोक दिया गया। कर्मचारियों की तत्परता के कारण किसी व्यक्ति के घायल होने अथवा बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

आग बुझाए जाने के बाद पंप परिसर में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। सुरक्षा को देखते हुए कुछ समय के लिए वाहनों और आम लोगों को आग लगने वाले हिस्से से दूर रखा गया। टैंकर से पेट्रोल उतारने की प्रक्रिया भी रोक दी गई। सभी उपकरणों और संबंधित हिस्से की जांच के बाद ही सामान्य गतिविधियां शुरू किए जाने की बात कही गई।

प्रतापपुरा का यह पेट्रोल पंप शहर के व्यस्त और आबादी वाले इलाके में स्थित है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम की आधिकारिक सूची में इसे प्रतापपुरा के एमजी रोड पर संचालित एचपी ऑटो केयर सेंटर बताया गया है। आसपास लगातार वाहनों और राहगीरों की आवाजाही रहती है। ऐसे स्थान पर छोटी सी चिंगारी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

प्रारंभिक जानकारी में आग लगने का कारण चिंगारी बताया जा रहा है, लेकिन चिंगारी किस उपकरण या गतिविधि से निकली, यह स्पष्ट नहीं हुआ है। तकनीकी निरीक्षण के बाद ही घटना का वास्तविक कारण सामने आ सकेगा। पेट्रोल पंप प्रबंधन से बिजली की वायरिंग, ईंधन उतारने वाले उपकरण और सुरक्षा प्रणाली की जांच कराने की अपेक्षा की जा रही है।

पेट्रोल अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ है। इसके वाष्प को मामूली चिंगारी, जलती सिगरेट, मोबाइल अथवा खराब विद्युत उपकरण से निकली चिनगारी भी प्रज्वलित कर सकती है। इसीलिए पेट्रोल पंप परिसर में धूम्रपान, माचिस या लाइटर जलाने और वाहन का इंजन चालू रखने पर रोक होती है। टैंकर से ईंधन उतारने के समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होता है, क्योंकि उस दौरान बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ एक स्थान पर मौजूद रहता है।

ईंधन टैंकर को खाली करते समय उसे निर्धारित सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने, पहियों को अवरुद्ध करने और अर्थिंग की उचित व्यवस्था करने की जरूरत होती है। स्थैतिक बिजली से निकलने वाली चिंगारी भी खतरा पैदा कर सकती है। इसके अलावा कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरणों का प्रशिक्षण और आग लगने की स्थिति में जिम्मेदारियों की स्पष्ट जानकारी होना आवश्यक है।

प्रतापपुरा की घटना में फायर एक्सटिंग्यूशर का समय पर उपयोग निर्णायक साबित हुआ। यदि कर्मचारी आग बुझाने में देरी करते तो लपटें पास में खड़े टैंकर अथवा पेट्रोल पंप की मशीनों तक पहुंच सकती थीं। कर्मचारियों द्वारा आपात स्थिति में दिखाया गया साहस और प्रशिक्षण बड़े हादसे को रोकने में महत्वपूर्ण रहा।

घटना ने पेट्रोल पंपों पर अग्निसुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच की आवश्यकता भी सामने रखी है। पंप पर पर्याप्त संख्या में चालू हालत वाले अग्निशमन यंत्र होने चाहिए। रेत से भरी बाल्टियां, आपातकालीन कटऑफ स्विच, अलार्म और पानी सहित निर्धारित सुरक्षा संसाधन भी उपलब्ध रहने चाहिए। कर्मचारियों को समय-समय पर मॉक ड्रिल के माध्यम से आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

अग्निशमन उपकरणों की समाप्ति तिथि और उनमें मौजूद दबाव की नियमित जांच भी जरूरी है। कई बार उपकरण परिसर में रखे तो रहते हैं, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर काम नहीं करते। प्रतापपुरा में कर्मचारियों द्वारा उपकरणों का सफल प्रयोग यह बताता है कि तत्काल प्रतिक्रिया की तैयारी किसी बड़ी दुर्घटना को रोक सकती है।

फिलहाल घटना में जान-माल के बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। आग लगने के सटीक कारण, प्रभावित हिस्से और पंप पर सामान्य संचालन बहाल होने के संबंध में प्रबंधन अथवा अग्निशमन विभाग का विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि चिंगारी कहां से निकली और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

Next Story