सिंधौली। क्षेत्र में मंगलवार को तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद युवक सड़क पर दूर जा गिरा, जबकि उसकी बाइक कार के अगले हिस्से में फंस गई। इसके बावजूद कार चालक ने वाहन नहीं रोका और बाइक को करीब एक किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गया। घटना देखकर राहगीरों ने कार का पीछा किया और चालक को पकड़ लिया। हादसे में बाइक सवार सुमित तिवारी घायल हो गए।
घायल सुमित तिवारी सिंधौली क्षेत्र के रखिया बुजुर्ग गांव के निवासी हैं। मंगलवार को वह अपनी बाइक से किराना दुकान की ओर जा रहे थे। जब वह स्टेट बैंक के पास पहुंचे, तभी पुवायां की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि सुमित बाइक से उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे।
हादसे के बाद सुमित सड़क पर घायल अवस्था में पड़े थे। वहीं उनकी बाइक कार के अगले हिस्से में फंस गई। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के बाद चालक ने कार रोकने के बजाय उसे आगे बढ़ाना जारी रखा। कार में फंसी बाइक सड़क पर रगड़ खाती हुई करीब एक किलोमीटर तक चली गई। सड़क पर बाइक घसीटे जाने से तेज आवाज हुई और वहां से गुजर रहे लोगों का ध्यान कार की ओर गया।
घटना देखकर राहगीरों ने कार चालक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह आगे बढ़ता रहा। इसके बाद कुछ लोगों ने कार का पीछा शुरू कर दिया। करीब एक किलोमीटर दूर जाकर लोगों ने वाहन को रुकवाया और चालक को पकड़ लिया। घटना से आक्रोशित लोगों ने चालक से दुर्घटनास्थल से भागने का कारण पूछा। चालक के पकड़े जाने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
दूसरी ओर, हादसे में घायल सुमित तिवारी की मदद के लिए स्थानीय लोग पहुंचे। उन्हें सड़क से उठाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। हादसे में उन्हें चोटें आई हैं। घायल को किस अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति क्या है, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। चिकित्सकीय जांच के बाद ही चोटों की गंभीरता स्पष्ट हो सकेगी।
टक्कर के कारण बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार के आगे फंसकर करीब एक किलोमीटर तक घिसटने से बाइक के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कार के अगले हिस्से को कितना नुकसान हुआ, इसकी जानकारी भी अभी नहीं दी गई है। दोनों वाहनों की तकनीकी जांच से दुर्घटना से जुड़े कुछ तथ्य सामने आ सकते हैं।
घटना के समय स्टेट बैंक के पास सड़क पर मौजूद लोगों ने दुर्घटना देखी। प्रत्यक्षदर्शियों और राहगीरों के बयान से यह पता लगाया जा सकेगा कि कार की रफ्तार कितनी थी और टक्कर किन परिस्थितियों में हुई। सड़क के आसपास सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध होने पर उनकी रिकॉर्डिंग भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
राहगीरों की तत्परता के कारण कार चालक अधिक दूर तक नहीं जा सका। यदि लोग उसका पीछा नहीं करते तो वाहन और चालक की पहचान करना मुश्किल हो सकता था। लोगों ने बाइक घसीटती हुई कार को देखकर तत्काल उसका पीछा किया और वाहन को रुकवाया। हालांकि चालक को बाद में पुलिस के हवाले किया गया या नहीं, इसकी स्पष्ट आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इस घटना ने दुर्घटना के बाद वाहन चालक की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े किए हैं। हादसा होने के बाद चालक को वाहन रोककर घायल व्यक्ति की मदद करनी चाहिए थी। इसके विपरीत कार को आगे बढ़ाए जाने से बाइक सड़क पर घिसटती रही। इससे दूसरे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता था।
स्टेट बैंक के आसपास का क्षेत्र आवागमन की दृष्टि से व्यस्त बताया जाता है। ऐसे स्थानों पर तेज गति से वाहन चलाने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों ने मार्ग पर वाहनों की गति नियंत्रित कराने की आवश्यकता जताई है। उनका कहना है कि आबादी, बैंक, दुकान और अन्य सार्वजनिक स्थानों के आसपास चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
हादसे का मुख्य कारण कार की कथित तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही बताई जा रही है। हालांकि दुर्घटना के सटीक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। बाइक सवार और कार चालक के बयान, घटनास्थल की स्थिति तथा प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट किया जा सकता है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी दिखाई दी। उनका कहना है कि टक्कर मारने के बाद वाहन रोकने के बजाय भागने का प्रयास गंभीर मामला है। बाइक के कार में फंसे होने के बावजूद वाहन को करीब एक किलोमीटर तक चलाने से बड़ा हादसा हो सकता था। सड़क पर बाइक का कोई हिस्सा टूटकर दूसरे वाहन की चपेट में आ सकता था।
सुमित तिवारी के परिजनों को घटना की सूचना दिए जाने की बात सामने आई है। हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग चिंतित हो गए। सुमित किराना दुकान जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन रास्ते में दुर्घटना का शिकार हो गए। उनकी हालत को लेकर आधिकारिक मेडिकल जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
फिलहाल घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज होने, चालक की हिरासत और उसके खिलाफ की गई कानूनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पुलिस की ओर से विस्तृत बयान सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। घायल सुमित की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
राहगीरों की सतर्कता से चालक को मौके से भागने से रोक लिया गया, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार वाहनों से होने वाले खतरे को सामने रखा है। वाहन चालकों के लिए यातायात नियमों का पालन करना और दुर्घटना होने पर घायल की सहायता करना जरूरी है। मामले की पूरी जानकारी पुलिस और चिकित्सकीय रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।