हापुड़ : उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में शनिवार को आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। शहर के प्रमुख मेरठ तिराहे पर आयोजित इस प्रदर्शन में पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाते हुए पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और सरकार से मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।
आजाद समाज पार्टी की ओर से आयोजित यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा कथित रूप से किए गए लाठीचार्ज के विरोध में किया गया था। पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनके साथ सख्ती बरती। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान छात्र-छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया और बल प्रयोग किया गया।
प्रदर्शन के दौरान आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए मेरठ तिराहे पर पहुंचे। इसके बाद सभी कार्यकर्ता बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर पहुंचे और वहां विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार है।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि युवाओं और छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब छात्र अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरते हैं तो उनकी बात सुनने के बजाय प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाती है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि छात्रों पर की गई पुलिस कार्रवाई की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया था। मेरठ तिराहे पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
प्रशासन की ओर से प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जाती रही। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। वहीं, पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन और विरोध के माध्यम से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
आजाद समाज पार्टी के इस प्रदर्शन के बाद जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी ने छात्रों के मुद्दे को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। वहीं, प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
छात्र आंदोलन और उससे जुड़ी पुलिस कार्रवाई को लेकर अब राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं। विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं और छात्रों के साथ न्याय की मांग कर रहे हैं। हापुड़ में हुआ यह प्रदर्शन इसी क्रम का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक हलचल और बढ़ने की संभावना है।