लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान बजने के बीच कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल से निकलने को लेकर विवादों में घिर गए हैं। शनिवार को आयोजित ‘प्रिंसिपल्स काउंसिल’ के कार्यक्रम का एक कथित वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष के आचरण पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, महाना ने इस पूरे विवाद पर सफाई देते हुए कहा है कि जिस स्थान पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था, वहां राष्ट्रगान नहीं बजाया जा रहा था। जनता से रिश्ता के अनुसार गॉड ऑफ़ ऑर्नर के बाद जवान को सीधे मुखाग्नि दी जाती है। इस पुरे वाक्या को किसी ने साजिश के चलते गॉड ऑफ़ ऑर्नर देते समय राष्ट्रगान का बैकग्राउंड गाना चला दिया था।



वायरल हो रहे कथित वीडियो में सतीश महाना कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रगान बजने के दौरान कुछ सेकंड तक स्थिर खड़े दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद वह मुड़ते हैं और सलामी मंच से नीचे उतरते हुए आगे बढ़ जाते हैं। उनके आसपास मौजूद कुछ लोग भी उनके पास आते दिखाई देते हैं। वीडियो में कुछ समर्थक महाना के पैर छूते हुए भी नजर आते हैं।

इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष अपनी गाड़ी की ओर बढ़ते हुए कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलते दिखाई देते हैं। बताया जा रहा है कि उस समय भी राष्ट्रगान बज रहा था। इसी घटनाक्रम को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं और महाना के सार्वजनिक पद पर होने के कारण उनके व्यवहार को लेकर आलोचना की है।

हालांकि, सतीश महाना ने वीडियो को लेकर उठ रहे सवालों पर अलग स्थिति सामने रखी है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था, वहां राष्ट्रगान नहीं बजाया जा रहा था। उनके मुताबिक, घटना को जिस तरह प्रस्तुत किया जा रहा है, वह पूरी तस्वीर को सामने नहीं रखती।

महाना की सफाई के बावजूद वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। विपक्ष ने इस मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्षी नेताओं का तर्क है कि राष्ट्रगान के दौरान सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के आचरण को लेकर विशेष सावधानी अपेक्षित होती है। हालांकि, पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति वीडियो के पूरे संदर्भ और कार्यक्रम की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को लेकर राजनीतिक बहस पहले से जारी है। भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस द्वारा ‘वंदे मातरम’ के केवल दो पद गाए जाने के फैसले की आलोचना कर रही है। भाजपा ने कांग्रेस के इस निर्णय को राष्ट्रगीत का ‘अपमान’ बताया है। ऐसे राजनीतिक माहौल में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष से जुड़ी यह घटना भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है।

शनिवार को हुए कार्यक्रम में महाना की मौजूदगी औपचारिक कार्यक्रम का हिस्सा थी। वीडियो के मुताबिक, राष्ट्रगान शुरू होने पर वह कुछ समय के लिए अपनी जगह पर खड़े रहे। इसके बाद वह मंच से नीचे उतरते हैं। इसी दौरान वहां मौजूद लोग उनसे मिलने के लिए आगे बढ़ते हैं। वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि महाना के गाड़ी की ओर बढ़ने के दौरान राष्ट्रगान जारी रहता है।

विपक्ष का कहना है कि राष्ट्रगान देश की संवैधानिक और राष्ट्रीय गरिमा से जुड़ा विषय है। ऐसे में इसके दौरान किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के कार्यक्रम से निकलने की तस्वीर सामने आना गंभीर सवाल पैदा करता है। विपक्षी नेताओं ने इस घटना को लेकर स्पष्टीकरण की मांग की है।

दूसरी ओर, महाना का कहना है कि पूरे घटनाक्रम को सही संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गार्ड ऑफ ऑनर वाले स्थान पर राष्ट्रगान नहीं बजाया जा रहा था। ऐसे में वायरल वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले कार्यक्रम की पूरी व्यवस्था और घटनाक्रम को समझना जरूरी है।

राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। भाजपा और विपक्ष के बीच पहले से ही राष्ट्रगीत तथा राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े मुद्दों पर आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष से जुड़ा यह विवाद राजनीतिक बहस को और हवा दे सकता है।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को लेकर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि महाना की सफाई के आधार पर अन्य लोग इसे संदर्भ से जोड़कर देखने की बात कह रहे हैं। किसी भी वायरल वीडियो के मामले में उसकी पूरी रिकॉर्डिंग, कार्यक्रम का आधिकारिक विवरण और घटनाक्रम का क्रम महत्वपूर्ण होता है।

फिलहाल इस मामले में सबसे अहम तथ्य यह है कि सतीश महाना ने राष्ट्रगान के दौरान कार्यक्रम से निकलने के आरोप पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा है कि जिस जगह उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था, वहां राष्ट्रगान नहीं बज रहा था। वहीं, सामने आए कथित वीडियो में उन्हें राष्ट्रगान के दौरान कुछ समय खड़े रहने के बाद मंच से नीचे उतरते और कार्यक्रम स्थल से बाहर जाते देखा जा सकता है।

अब राजनीतिक विवाद के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से पूरे घटनाक्रम को लेकर क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आता है। फिलहाल वीडियो और विधानसभा अध्यक्ष की सफाई के बीच मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। राष्ट्रगान से जुड़ी संवेदनशीलता को देखते हुए विपक्ष इस मुद्दे को आगे भी उठा सकता है, जबकि महाना की ओर से इसे लेकर अपना पक्ष पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है।

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