संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। हयातनगर थाना क्षेत्र के दतावली ऐदलपुर गांव में प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) बटालियन के लिए चिह्नित जमीन के बीच ग्राम समाज की भूमि पर बनी मजार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और PAC के जवान तैनात किए गए थे। प्रशासन ने कार्रवाई पूरी होने के बाद जमीन को कब्जामुक्त कर PAC अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया।
प्रशासन के मुताबिक जिस स्थान पर कार्रवाई हुई, वहां PAC बटालियन की स्थापना के लिए साल 2019 में जमीन चिह्नित की गई थी। इस जमीन के बड़े हिस्से की खरीद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसी क्षेत्र के बीच ग्राम समाज की करीब 0.025 एकड़ जमीन पर मजार बनी हुई थी। PAC अधिकारियों ने प्रशासन से इस हिस्से को भी कब्जामुक्त कर निर्माण के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।
शनिवार को बुलडोजर लेकर पहुंचा प्रशासन
शनिवार को तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ दतावली ऐदलपुर पहुंची। धार्मिक संरचना से जुड़ा मामला होने के कारण सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए थे।
प्रशासनिक अधिकारियों ने पहले राजस्व अभिलेखों और मौके पर जमीन की स्थिति की जांच की। इसके बाद बुलडोजर बुलाकर मजार को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
कार्रवाई के दौरान आसपास के क्षेत्र में पुलिस और PAC के जवान तैनात रहे। प्रशासन के अनुसार पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
2019 में PAC के लिए चिह्नित हुई थी जमीन
संभल में PAC बटालियन की स्थापना के लिए साल 2019 में दतावली क्षेत्र में जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक चिह्नित भूमि के करीब 98 प्रतिशत हिस्से के बैनामे हो चुके हैं। इसी जमीन के बीच ग्राम समाज की 0.025 एकड़ भूमि पर मजार बनी मिली थी।
PAC अधिकारियों की तरफ से प्रशासन को बताया गया कि निर्माण कार्य आगे बढ़ाने के लिए जमीन का कब्जामुक्त होना जरूरी है। इसके बाद राजस्व विभाग ने अभिलेखों की जांच कर कार्रवाई की तैयारी की।
करीब 407 बीघा जमीन PAC को सौंपी
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक कार्रवाई के बाद करीब 407 बीघा जमीन पर PAC अधिकारियों को कब्जा दिलाया गया। जमीन के दूसरे हिस्से में की जा रही खेती को भी ट्रैक्टर चलाकर हटाया गया।
इससे PAC बटालियन की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध होने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।
प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि को सरकारी रिकॉर्ड और उसके निर्धारित इस्तेमाल के अनुरूप खाली कराया गया है।
दो-तीन साल पुरानी बताई गई मजार
तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक मजार देखने में करीब दो से तीन साल पुरानी प्रतीत हो रही थी। प्रशासन का कहना है कि यह ग्राम समाज की जमीन पर बनी हुई थी और यह भूमि PAC के लिए चिह्नित क्षेत्र के बीच आती थी।
एक अन्य रिपोर्ट में प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया कि करीब दो साल पहले वहां मौजूद पुराने पीपल के पेड़ के स्थान पर मजार का निर्माण किया गया था।
इन तथ्यों को प्रशासन का पक्ष माना जाना चाहिए। जमीन और निर्माण से जुड़ी कार्रवाई राजस्व अभिलेखों के आधार पर किए जाने की बात अधिकारियों ने कही है।
खेती वाला हिस्सा भी कराया गया खाली
प्रशासन की कार्रवाई केवल मजार तक सीमित नहीं रही। PAC के लिए प्रस्तावित जमीन के दूसरे हिस्से में खेती किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासन ने ट्रैक्टर चलाकर खेती वाले हिस्से को भी खाली कराया। इसके बाद पूरी जमीन PAC अधिकारियों को सौंप दी गई।
कुछ रिपोर्टों में करीब 15 बीघा कृषि भूमि से भी कब्जा हटाने का उल्लेख किया गया है। प्रशासन की कोशिश PAC के लिए चिह्नित पूरे क्षेत्र को निर्माण के लिए उपलब्ध कराने की है।
भारी पुलिस फोर्स क्यों लगाई गई?
संभल पिछले कुछ वर्षों में कानून-व्यवस्था के लिहाज से संवेदनशील रहा है। धार्मिक स्थल से जुड़ी कार्रवाई होने के कारण प्रशासन किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता था।
यही कारण रहा कि राजस्व अधिकारियों के साथ पुलिस और PAC के जवान बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
मौके पर सुरक्षा व्यवस्था इस तरह की गई कि बुलडोजर कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विरोध या तनाव पैदा होने पर तुरंत स्थिति संभाली जा सके।
हालांकि प्रशासन के मुताबिक कार्रवाई शांतिपूर्ण रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
PAC बटालियन स्थापित करने का क्या है मकसद?
संभल में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से साल 2019 में नई PAC वाहिनी स्थापित करने का फैसला किया गया था। बाद में मुरादाबाद की 24वीं वाहिनी PAC को संभल स्थानांतरित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी और इसके लिए जमीन की व्यवस्था की गई।
PAC की स्थायी मौजूदगी से जिले में बड़ी घटनाओं, धार्मिक आयोजनों, कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों और आपात स्थिति में अतिरिक्त सुरक्षा बल जल्दी उपलब्ध कराया जा सकेगा।
प्रशासन का मानना है कि जमीन का कब्जा पूरी तरह मिलने के बाद बटालियन की स्थापना से जुड़ा निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
संभल में लगातार हो रही अतिक्रमण पर कार्रवाई
संभल में पिछले कुछ समय से सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर कथित अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है।
अलग-अलग मामलों में सरकारी जमीन पर बने निर्माणों की जांच कर राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई की गई है। धार्मिक संरचनाओं से जुड़े मामलों में भी प्रशासन का कहना रहा है कि कार्रवाई धर्म के आधार पर नहीं बल्कि जमीन की कानूनी स्थिति और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर की जा रही है।
हाल में जामा मस्जिद के आसपास भी कई मकानों और दुकानों के निर्माण को लेकर प्रशासन ने नोटिस जारी किए थे। संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने का समय दिया गया है।
पहले भी धार्मिक निर्माणों पर चला बुलडोजर
संभल में सरकारी जमीन से धार्मिक निर्माण हटाने का यह पहला मामला नहीं है।
जुलाई में असमोली थाना क्षेत्र के मुकर्रबपुर गांव में सरकारी बंजर भूमि पर बने एक इमामबाड़े और मजार को प्रशासन ने हटाया था। उस कार्रवाई में भी बड़ी संख्या में पुलिस और PAC बल तैनात किया गया था।
इसके अलावा अगस्त में सिरसी कस्बे में मंदिर की जमीन पर कथित अतिक्रमण कर बनाए गए निजी निर्माण को भी प्रशासन ने हटाया था।
इन कार्रवाइयों को प्रशासन सरकारी और सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान का हिस्सा बता रहा है।
अब PAC बटालियन का निर्माण होगा तेज
दतावली ऐदलपुर में शनिवार की कार्रवाई के बाद PAC के लिए प्रस्तावित जमीन प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को सौंप दी है।
अब इस जमीन पर बटालियन की स्थापना से जुड़ी आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। प्रशासन का कहना है कि जिस 0.025 एकड़ ग्राम समाज की भूमि पर मजार बनी थी, उसे राजस्व अभिलेखों के आधार पर कब्जामुक्त कराया गया है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि धार्मिक संरचना से जुड़ी संवेदनशील कार्रवाई के बावजूद मौके पर किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। भारी पुलिस और PAC बल की मौजूदगी में प्रशासन ने बुलडोजर से निर्माण हटाया और जमीन PAC को सौंप दी।
अब निगाह PAC बटालियन के निर्माण पर रहेगी। जमीन का कब्जा मिलने के बाद प्रशासन को उम्मीद है कि लंबे समय से प्रस्तावित परियोजना को आगे बढ़ाने में तेजी आएगी और जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्थायी PAC ढांचा तैयार किया जा सकेगा।
Tags: