सावन शिवरात्रि पर संभल में आस्था का सैलाब बारिश के बीच मंदिरों में पहुंचे भक्त
संभल में बारिश के बीच शिवालयों में उमड़ी भीड़ शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक
संभल: सावन की शिवरात्रि के पावन अवसर पर संभल में शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए शिवालयों में पहुंचे। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की कतारें लगी रहीं और पूरा वातावरण 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारों से गूंजता रहा।
श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन किया और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित किए। सावन की शिवरात्रि को लेकर जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई थीं।
बारिश भी नहीं रोक पाई आस्था
सुबह से रुक-रुककर हो रही बारिश के बावजूद शिवभक्तों के कदम मंदिरों की ओर बढ़ते रहे। कई श्रद्धालु छाता लेकर तो कई बारिश में भीगते हुए मंदिर पहुंचे। भक्तों का कहना था कि सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है और बारिश या मौसम की परेशानी आस्था के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।
शिवालयों में हुआ जलाभिषेक
शिवरात्रि के मौके पर मंदिरों में सुबह से ही जलाभिषेक शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने गंगाजल और पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक किया। इसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल, फल और अन्य पूजन सामग्री चढ़ाई गई। कई मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक का भी आयोजन किया गया।
हर-हर महादेव से गूंजा मंदिर परिसर
शिवालयों में भक्तों की भीड़ बढ़ने के साथ ही जयकारों का सिलसिला शुरू हो गया। 'हर-हर महादेव', 'बम-बम भोले' और 'ॐ नमः शिवाय' के उद्घोष से मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आए। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं के साथ बड़ी संख्या में बच्चे भी भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचे।
मंदिरों में विशेष सजावट
सावन की शिवरात्रि को देखते हुए कई शिव मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। मंदिरों में विशेष पूजा सामग्री की व्यवस्था की गई। कुछ स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और पेयजल की व्यवस्था भी की गई, ताकि बारिश के बीच आने वाले भक्तों को परेशानी न हो।
सुरक्षा के भी रहे इंतजाम
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था भी की गई। पुलिस और प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने तथा यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए इंतजाम किए गए। मंदिरों के आसपास भीड़ अधिक होने की स्थिति में पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने में सहयोग किया।
सावन शिवरात्रि का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दौरान शिवभक्त सोमवार के व्रत रखने के साथ शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं।
सावन की शिवरात्रि को विशेष रूप से भगवान शिव की आराधना, उपवास और रात्रि जागरण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन भगवान शिव से सुख, शांति और परिवार की समृद्धि की कामना करते हैं।
कांवड़ियों में भी दिखा उत्साह
सावन के दौरान कांवड़ यात्रा का भी विशेष महत्व रहता है। कई शिवभक्त कांवड़ में गंगाजल लेकर शिवालयों में पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। शिवरात्रि के मौके पर कांवड़ियों और स्थानीय श्रद्धालुओं में भी खास उत्साह देखने को मिला।
बारिश में भी नहीं कम हुई भीड़
बारिश के कारण मंदिरों तक पहुंचने में कुछ परेशानी जरूर हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या पर इसका खास असर नहीं दिखाई दिया। भक्त बारिश से बचते हुए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि सावन की शिवरात्रि उनके लिए आस्था का विशेष पर्व है, इसलिए मौसम की चुनौती के बावजूद वे भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचे हैं।
दिनभर चलता रहा पूजा-पाठ
सुबह से शुरू हुआ पूजा-अर्चना का सिलसिला दिनभर जारी रहने की उम्मीद है। कई मंदिरों में शाम के समय विशेष आरती और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। शिवभक्तों के लिए मंदिरों में भगवान शिव के दर्शन और पूजा की विशेष व्यवस्था की गई है।