वाराणसी। वाराणसी में यूजीसी के मुद्दे को लेकर करणी सेना के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के मद्देनजर शास्त्री घाट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। करणी सेना के सदस्यों की ओर से यहां धरना देने की योजना को देखते हुए एसीपी कैंट के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। दूसरी ओर करणी सेना के सदस्य यूजीसी के मुद्दे पर धरना देने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। इसे देखते हुए इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

करणी सेना की ओर से शास्त्री घाट पर धरना देने की तैयारी की जानकारी मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस की कोशिश है कि स्थिति नियंत्रण में रहे और किसी भी तरह से यातायात या सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो।

शास्त्री घाट के आसपास पुलिस की मौजूदगी बढ़ने के बाद क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। पुलिस अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। करणी सेना के सदस्य धरने की मांग पर कायम हैं, जबकि पुलिस की ओर से उन्हें शास्त्री घाट पर प्रदर्शन करने से रोकने की तैयारी की गई है। दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर बने रहने के कारण तनाव की स्थिति बनी हुई है।

इससे पहले करणी सेना के जिला अध्यक्ष आलोक सिंह को हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। आलोक सिंह के पार्वती नगर स्थित आवास पर भी पुलिस की नजर बनी हुई है। उनके हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद करणी सेना के सदस्य उनके आवास पर जुटने लगे थे। सदस्यों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वहां भी स्थिति संवेदनशील हो गई।

बताया गया कि पार्वती नगर में आलोक सिंह के आवास पर एकत्र हुए करणी सेना के सदस्य आगे की रणनीति तैयार कर रहे थे। यहां से महावीर चौराहे पर पहुंचकर चक्का जाम करने की तैयारी भी चल रही थी। इस सूचना के बाद पुलिस और सतर्क हो गई। चक्का जाम की स्थिति बनने पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया।

करणी सेना के जिला अध्यक्ष को हाउस अरेस्ट किए जाने के बावजूद संगठन के सदस्य पीछे हटने को तैयार नहीं दिखाई दिए। यूजीसी के मुद्दे पर धरना देने की मांग को लेकर सदस्य लगातार सक्रिय बने हुए हैं। एक तरफ शास्त्री घाट पर धरने की योजना है, वहीं दूसरी तरफ महावीर चौराहे पर चक्का जाम की तैयारी की जानकारी ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

एसीपी कैंट के नेतृत्व में पुलिस बल को स्थिति पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। शास्त्री घाट पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ ही आसपास की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। पुलिस की प्राथमिकता किसी भी प्रकार के टकराव को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

पार्वती नगर स्थित आलोक सिंह के आवास पर करणी सेना के सदस्यों के जुटने से वहां भी पुलिस की सतर्कता बढ़ गई है। संगठन के सदस्य अपने जिला अध्यक्ष के समर्थन में एकत्र हो रहे हैं। ऐसे में पुलिस के सामने एक साथ कई स्थानों पर स्थिति को नियंत्रित रखने की चुनौती है।

महावीर चौराहा शहर के महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां चक्का जाम होने की स्थिति में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से करणी सेना के सदस्यों की प्रस्तावित गतिविधियों पर पुलिस की नजर बनी हुई है। संगठन के सदस्य यदि चौराहे की ओर बढ़ते हैं तो स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है।

वहीं शास्त्री घाट पर भी धरने को लेकर गतिविधियां तेज हैं। करणी सेना के सदस्य यूजीसी के खिलाफ अपनी बात रखने के लिए धरना देने पर जोर दे रहे हैं। पुलिस की भारी तैनाती के बावजूद संगठन के सदस्यों के रुख में बदलाव नहीं आया है। इससे प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

करणी सेना के जिला अध्यक्ष आलोक सिंह को घर से बाहर निकलने से रोकने के बाद संगठन के दूसरे सदस्यों की गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। उनके आवास पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू होने से पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। वहां मौजूद सदस्यों की ओर से महावीर चौराहे पर चक्का जाम करने की तैयारी की सूचना ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

फिलहाल शास्त्री घाट पर एसीपी कैंट के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौजूद है। पुलिस की कोशिश है कि प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के कारण किसी तरह की अव्यवस्था न हो। साथ ही पार्वती नगर और महावीर चौराहे की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।

पूरे घटनाक्रम के बीच स्थानीय लोगों और राहगीरों की नजर भी पुलिस तथा करणी सेना के अगले कदम पर है। धरने की मांग और पुलिस की रोक के बीच बनी स्थिति के कारण क्षेत्र में तनाव बरकरार है। आने वाले समय में करणी सेना के सदस्य क्या रणनीति अपनाते हैं और पुलिस प्रशासन किस तरह स्थिति संभालता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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