ग्रेटर नोएडा। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के विशेष सत्र में उत्तर प्रदेश की पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मौजूदा भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने विकास की नई दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया और यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण इसी बदलाव को प्रदर्शित कर रहा है।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर 2026 तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जा रहा है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के उद्योगों, एमएसएमई, निर्यातकों, स्टार्टअप और विभिन्न क्षेत्रों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है।
विशेष सत्र को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने पूर्ववर्ती सरकार पर राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने 2016-17 की स्थिति का जिक्र करते हुए तत्कालीन सरकार को “बिगनर्स” यानी नौसिखिया सरकार बताया। गोयल ने कहा कि 2017 में सरकार बदलने के बाद एक नए और विकसित उत्तर प्रदेश का संकल्प लिया गया।
उन्होंने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण इसी संकल्प का परिणाम है। उत्तर प्रदेश आज अपने उत्पादों, औद्योगिक क्षमता और निवेश संभावनाओं के जरिए दुनिया के बाजार में अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
गोयल ने दावा किया कि ट्रेड शो में दो से तीन हजार करोड़ रुपये के एग्रीमेंट साइन हो रहे हैं। उन्होंने इसे राज्य में निवेश और निर्यात गतिविधियों में बढ़ोतरी के संकेत के रूप में पेश किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे साफ है कि उत्तर प्रदेश में “निर्यात और विकास की बुलेट ट्रेन” दौड़ पड़ी है।
गोयल के ये बयान भाजपा सरकार के विकास रिकॉर्ड के पक्ष में राजनीतिक दावे हैं। उत्तर प्रदेश में निवेश और आर्थिक स्थिति को लेकर विपक्षी दल समय-समय पर रोजगार, परियोजनाओं के क्रियान्वयन और निवेश प्रस्तावों को वास्तविक निवेश में बदलने जैसे मुद्दों पर सरकार से सवाल उठाते रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश में विकसित किए जा रहे बुनियादी ढांचे का भी जिक्र किया। उन्होंने एक्सप्रेस-वे और औद्योगिक पार्कों को निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर और रोबोटिक्स जैसे नए क्षेत्रों में भी निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।
गोयल ने दावा किया कि 2016 से पहले उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर कारोबारी जगत में उत्साह नहीं था और राज्य का बजट घाटे में रहता था। उन्होंने मौजूदा सरकार की नीतियों को निवेश का माहौल बदलने वाला बताया। यह तुलना केंद्रीय मंत्री का राजनीतिक आकलन है।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के आधिकारिक विवरण के अनुसार चौथे संस्करण में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके साथ 550 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और लगभग 85 देशों की भागीदारी की संभावना जताई गई है। आयोजन में एमएसएमई, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, इलेक्ट्रॉनिक्स और उभरते उद्योगों सहित कई क्षेत्रों को जगह दी गई है।
ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश की ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ यानी ODOP पहल से जुड़े उत्पाद भी प्रमुख रूप से प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इसके अलावा कृषि उत्पाद, हैंडलूम, हस्तशिल्प, इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईटी, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मास्यूटिकल, स्वास्थ्य उपकरण और अन्य क्षेत्रों को भी मंच मिला है।
आयोजन का उद्देश्य राज्य के छोटे और बड़े कारोबारियों को देश-विदेश के खरीदारों तथा निवेशकों से सीधे जोड़ना है। इसके जरिए स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने और कारोबारी साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब विश्व बाजार के लिए नए अवसर तैयार कर रहा है। उन्होंने राज्य में हो रहे औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास को निर्यात बढ़ाने से जोड़ते हुए कहा कि आने वाले समय में इसका फायदा स्थानीय उद्योगों और कारोबारियों को मिलेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार भी यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को राज्य के उत्पादों और निवेश क्षमता को वैश्विक मंच पर पेश करने के प्रमुख आयोजनों में शामिल कर रही है। चौथे संस्करण में देश-विदेश के खरीदारों, उद्योग प्रतिनिधियों और निवेशकों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है।
इससे पहले 25 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का उद्घाटन किया था। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक आयोजन पांच दिनों तक चलेगा।
पीयूष गोयल ने अपने संबोधन में निवेश के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे और औद्योगिक पार्कों का नेटवर्क उद्योगों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी तैयार कर रहा है। साथ ही नई तकनीक से जुड़े उद्योगों को आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण है। सरकार का प्रयास उत्तर प्रदेश को पारंपरिक उद्योगों के साथ आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों से भी जोड़ने का है।
ट्रेड शो में राज्य के एमएसएमई और स्थानीय उत्पादों को भी विशेष जगह मिली है। छोटे उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे संपर्क का अवसर कारोबार विस्तार में महत्वपूर्ण हो सकता है।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का यह चौथा संस्करण है। आयोजन के आधिकारिक विवरण के मुताबिक इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को वैश्विक सोर्सिंग और निवेश केंद्र के रूप में आगे बढ़ाना तथा राज्य के उत्पादों को नए बाजार उपलब्ध कराना है।
पीयूष गोयल ने मंच से कहा कि उत्तर प्रदेश की मौजूदा विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए निवेश और निर्यात दोनों महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने दो से तीन हजार करोड़ रुपये के समझौतों का दावा करते हुए इसे राज्य की बदलती आर्थिक तस्वीर से जोड़ा।
केंद्रीय मंत्री का संबोधन विकास और निवेश के साथ राजनीतिक हमलों पर भी केंद्रित रहा। उन्होंने पिछली सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए 2017 के बाद हुए बदलावों को भाजपा सरकार की उपलब्धि बताया।
फिलहाल यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से आए उद्यमियों, उत्पादकों और कंपनियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। सरकार इसे उत्तर प्रदेश के उद्योगों को घरेलू और वैश्विक बाजार से जोड़ने के मंच के रूप में पेश कर रही है।