नोएडा। हस्तशिल्प कारोबार की पहचान एक बार फिर देश-दुनिया के बाजार में अपनी चमक बिखेर रही है। नोएडा में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में सरायतरीन के कारीगरों की ओर से हड्डी और सींग से तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पाद विदेशी खरीदारों का ध्यान खींच रहे हैं। मेले के दूसरे दिन शनिवार को इटली, बेल्जियम, यूरोप और जर्जिया से पहुंचे खरीदारों ने संभल के स्टालों का भ्रमण किया और वहां प्रदर्शित उत्पादों को देखा।
विदेशी खरीदारों के बीच सबसे ज्यादा आकर्षण सींग से तैयार ज्वेलरी को लेकर दिखाई दिया। खासतौर पर कान की बालियां और गले के हार विदेशी युवतियों को खूब पसंद आए। अलग डिजाइन, कारीगरी और पारंपरिक शैली के कारण इन उत्पादों को खरीदारों ने काफी देर तक देखा और इनके बारे में जानकारी भी ली।
वहीं जर्जिया से पहुंचे एक खरीदार का ध्यान सींग से बनाए गए बीयर मग ने खींचा। पारंपरिक हस्तशिल्प को आधुनिक उपयोग के उत्पाद में बदलने की कारीगरों की कला मेले में चर्चा का विषय बनी हुई है।
सरायतरीन का हड्डी-सींग हस्तशिल्प लंबे समय से अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यहां के कारीगर हड्डी और सींग को तराशकर विभिन्न सजावटी और उपयोगी वस्तुएं तैयार करते हैं। बदलते समय के साथ कारीगरों ने अपने उत्पादों के डिजाइन में भी बदलाव किया है।
परंपरागत हस्तशिल्प के साथ आधुनिक डिजाइन को जोड़कर ऐसे उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें घरेलू बाजार के साथ विदेशी ग्राहकों की पसंद के अनुरूप भी पेश किया जा सके। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में दिखाई दे रही विदेशी खरीदारों की दिलचस्पी से स्थानीय कारोबारियों और कारीगरों में उत्साह है।
ट्रेड फेयर जैसे आयोजन हस्तशिल्प कारोबारियों को सीधे बड़े बाजार और खरीदारों तक पहुंचने का अवसर उपलब्ध कराते हैं। यहां कारोबारी अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के साथ विदेशी खरीदारों की पसंद को भी समझ सकते हैं।
शनिवार को मेले के दूसरे दिन संभल के स्टालों पर विदेशी खरीदारों की आवाजाही बनी रही। अलग-अलग देशों से आए खरीदारों ने हड्डी और सींग से बने उत्पादों को करीब से देखा।
सींग से बनी ज्वेलरी की डिजाइन ने विशेष रूप से ध्यान खींचा। कान की बालियों और गले के हार में पारंपरिक कारीगरी के साथ आकर्षक डिजाइन देखने को मिले। यही वजह रही कि विदेशी युवतियों ने इन उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई।
कारीगरों के लिए विदेशी ग्राहकों की पसंद जानना महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डिजाइन, गुणवत्ता और उपयोगिता के आधार पर उत्पादों की मांग बदलती रहती है। ऐसे में ट्रेड फेयर के माध्यम से कारीगरों और कारोबारियों को बाजार के बदलते रुझान को समझने का मौका मिलता है।
सरायतरीन के हस्तशिल्प उत्पादों की खासियत यह है कि कारीगर साधारण दिखने वाले कच्चे माल को अपनी कला से आकर्षक वस्तुओं में बदल देते हैं। इसके लिए कटिंग, आकार देने, पॉलिश और डिजाइन तैयार करने जैसे कई चरणों से गुजरना पड़ता है।
एक उत्पाद को अंतिम स्वरूप देने में कारीगरों की मेहनत और अनुभव महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छोटे आभूषणों से लेकर सजावटी और उपयोगी सामान तक अलग-अलग प्रकार की वस्तुएं तैयार की जाती हैं।
विदेशी खरीदारों की ज्वेलरी के साथ बीयर मग जैसे उत्पाद में रुचि यह दिखाती है कि पारंपरिक हस्तशिल्प को अलग-अलग रूप देकर बाजार का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
जर्जिया से आए खरीदार को सींग से तैयार बीयर मग पसंद आना भी इसी का उदाहरण है। आम तौर पर मग के निर्माण में अलग-अलग सामग्री का इस्तेमाल होता है, लेकिन सींग से तैयार मग अपने स्वरूप और कारीगरी के कारण अलग दिखाई देता है।
हस्तशिल्प उत्पादों की यही विशिष्टता विदेशी बाजार में उन्हें अलग पहचान दिलाने में मदद करती है। मशीनों से बड़े पैमाने पर तैयार होने वाले उत्पादों की तुलना में हाथ से बनाए गए सामान में हर वस्तु की अपनी अलग विशेषता होती है।
सरायतरीन और संभल के कारीगरों के लिए यह कारोबार रोजगार का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। हस्तशिल्प से जुड़े परिवार पीढ़ियों से अपनी कला को आगे बढ़ाते रहे हैं। समय के साथ उत्पादों के डिजाइन और बाजार में बदलाव जरूर आया है, लेकिन कारीगरी की मूल पहचान बनी हुई है।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में उत्पादों की प्रदर्शनी से इन कारीगरों को अपनी कला को देश और विदेश के खरीदारों के सामने रखने का अवसर मिला है।
अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की मौजूदगी कारोबारियों के लिए नए व्यापारिक संपर्क बनाने का भी अवसर है। यदि किसी उत्पाद में विदेशी खरीदार रुचि दिखाते हैं तो भविष्य में उसके ऑर्डर और निर्यात की संभावनाएं बन सकती हैं।
इस कारण स्थानीय कारोबारी ट्रेड फेयर को केवल प्रदर्शनी के रूप में नहीं, बल्कि नए बाजार तलाशने के अवसर के रूप में भी देख रहे हैं। अलग-अलग देशों के खरीदारों से सीधा संवाद होने पर उनकी जरूरत, डिजाइन की पसंद और उत्पाद की गुणवत्ता से संबंधित अपेक्षाओं को समझना आसान होता है।
हड्डी और सींग से तैयार हस्तशिल्प उत्पादों की विविधता भी विदेशी खरीदारों को आकर्षित कर रही है। ज्वेलरी से लेकर रोजमर्रा के उपयोग और सजावट से जुड़े उत्पादों तक कारीगर अपनी कला पेश कर रहे हैं।
मेले में सरायतरीन के उत्पादों के प्रति दिखाई दे रही दिलचस्पी से हस्तशिल्प कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की उम्मीद है।
विदेशी बाजार में किसी पारंपरिक हस्तशिल्प की पहचान मजबूत होने से स्थानीय कारीगरों को भी फायदा मिल सकता है। नए ऑर्डर मिलने पर उत्पादन बढ़ने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की पसंद के अनुसार नए डिजाइन विकसित करने से हस्तशिल्प उद्योग को बदलते बाजार के साथ आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है।
शनिवार को इटली, बेल्जियम, यूरोप और जर्जिया से आए खरीदारों की संभल के स्टालों पर मौजूदगी ने स्थानीय कारोबारियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने विभिन्न उत्पादों को देखा और विशेष रूप से सींग से तैयार ज्वेलरी ने उनका ध्यान खींचा।
विदेशी युवतियों को कान की बालियां और गले के हार पसंद आए, जबकि जर्जिया के खरीदार ने सींग से तैयार बीयर मग में रुचि दिखाई। इससे कारीगरों को अलग-अलग तरह के उत्पादों की विदेशी बाजार में संभावनाओं का अंदाजा भी मिला।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में सरायतरीन के हस्तशिल्प की यह मौजूदगी स्थानीय कला को अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध करा रही है। पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक डिजाइन का मेल विदेशी खरीदारों को आकर्षित कर रहा है।
कारीगरों और कारोबारियों को उम्मीद है कि ट्रेड फेयर में बनने वाले नए संपर्क आने वाले समय में व्यापार और निर्यात के नए रास्ते खोलेंगे। विदेशी खरीदारों की दिलचस्पी ने फिलहाल सरायतरीन के हड्डी-सींग हस्तशिल्प कारोबार को नई उम्मीद दी है।