Maharashtra महाराष्ट्र :सरकार के पर्यटन और कृषि विकास मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक और ठोस कदम उठा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य में किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में ठोस काम हो रहा है। जयकुमार रावल ने मुंबई में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम के दौरान कहा, “हमारी सरकार ने किसानों के हित में कई बड़े फैसले लिए हैं। चाहे वह फसल बीमा योजना हो, सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार, या फिर बिजली बिल माफी योजना — हर पहल का उद्देश्य किसान को आत्मनिर्भर बनाना है।” उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब फसल आधारित आय बढ़ाने के लिए “एक जिला, एक उत्पाद” योजना को भी तेजी से लागू कर रही है।
मंत्री रावल ने कहा कि सरकार किसानों के लिए न सिर्फ वित्तीय सहायता बल्कि तकनीकी सहयोग भी दे रही है। उन्होंने कहा, “ड्रोन तकनीक से फसल की निगरानी, मिट्टी की जांच और जल संरक्षण परियोजनाओं पर काम चल रहा है।” रावल के मुताबिक, आने वाले दो सालों में महाराष्ट्र के हर किसान को डिजिटल कार्ड मिलेगा, जिसमें उसकी जमीन, फसल और बीमा की जानकारी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए मंडी सुधारों और सीधी बाजार बिक्री को बढ़ावा दे रही है। “अब किसान सीधे उद्योगों या उपभोक्ताओं को अपनी फसल बेच सकते हैं। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसानों को उनका हक मिलेगा,” उन्होंने कहा।
जयकुमार रावल ने केंद्र सरकार की “प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना” और “प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना” की भी सराहना करते हुए कहा कि महाराष्ट्र ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में करीब 50 लाख किसानों को बीमा लाभ मिला है, और सिंचाई परियोजनाओं से 10 लाख हेक्टेयर जमीन को पानी मिला है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “जो लोग किसानों के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि हमारी सरकार जमीन पर काम कर रही है, न कि सिर्फ बयानबाजी कर रही है।” रावल ने कहा कि मुख्यमंत्री शिंदे के नेतृत्व में हर जिले में “किसान संवाद” अभियान चलाया जा रहा है, जहां अधिकारी सीधे किसानों की समस्याएं सुनकर समाधान कर रहे हैं। मंत्री ने अंत में कहा कि राज्य का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में कृषि निर्यात को दोगुना करना और जैविक खेती को बढ़ावा देना है। “महाराष्ट्र के किसान अब वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं, और हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें हर सुविधा दी जाए,” उन्होंने कहा।