ठाणे। गैर-कानूनी ईंधन कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुंबई-ठाणे राशनिंग विभाग और कलवा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 11 हजार लीटर अवैध पेट्रोल से भरे एक ईंधन टैंकर को जब्त किया है। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए पेट्रोल और टैंकर की कुल अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये है। कार्रवाई के बाद पुलिस ने टैंकर के चालक और मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह कार्रवाई कलवा इलाके में की गई। अधिकारियों को संदेह था कि बिना वैध दस्तावेजों के बड़ी मात्रा में ईंधन का परिवहन किया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर राशनिंग विभाग की विशेष टीम ने पुलिस के साथ मिलकर अभियान चलाया और संदिग्ध टैंकर को रोककर उसकी जांच की।

राशनिंग विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, मुंबई-ठाणे राशनिंग विभाग के कंट्रोलर चंद्रकांत डांगे के निर्देशन में कार्रवाई की गई। डिप्टी कंट्रोलर भास्कर तायडे के नेतृत्व में विभाग की विशेष टीम ने कलवा इलाके में निगरानी शुरू की थी।

इसी दौरान अधिकारियों ने MH 14 M 8808 नंबर वाले एक ईंधन टैंकर को रोककर उसकी जांच की। टैंकर की तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में पेट्रोल भरा मिला।

अधिकारियों ने चालक से ईंधन की खेप के संबंध में आवश्यक दस्तावेज मांगे। इसमें परिवहन परमिट और ईंधन के वैध स्रोत से जुड़े दस्तावेज शामिल थे। हालांकि, चालक मौके पर इन दस्तावेजों को प्रस्तुत नहीं कर सका।

दस्तावेज नहीं दिखा सका चालक

अधिकारियों के मुताबिक, टैंकर चालक से जब पूछा गया कि इतनी बड़ी मात्रा में पेट्रोल कहां से लाया जा रहा है और इसे कहां पहुंचाया जाना था, तो वह संतोषजनक दस्तावेज नहीं दिखा सका।

ईंधन के परिवहन के लिए जरूरी कागजात उपलब्ध नहीं होने के बाद अधिकारियों को खेप के अवैध होने का संदेह हुआ। इसके बाद टैंकर को मौके से जब्त कर लिया गया।

अधिकारियों ने पेट्रोल की मात्रा और उसकी गुणवत्ता से संबंधित जानकारी जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू की है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ईंधन का स्रोत क्या था और इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।

करीब 20 लाख रुपये की संपत्ति जब्त

संयुक्त कार्रवाई में करीब 11,000 लीटर पेट्रोल जब्त किया गया है। इसके साथ ही जिस टैंकर में ईंधन ले जाया जा रहा था, उसे भी कब्जे में लिया गया है।

विभाग के अनुसार, जब्त किए गए ईंधन और वाहन की कुल अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में ईंधन बिना वैध दस्तावेजों के ले जाए जाने को गंभीरता से लिया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि अवैध तरीके से ईंधन का परिवहन न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे सुरक्षा से जुड़े गंभीर जोखिम भी पैदा हो सकते हैं।

कलवा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज

टैंकर जब्त किए जाने के बाद उसे कलवा पुलिस स्टेशन ले जाया गया। मामले में टैंकर के चालक और वाहन के मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ईंधन की इतनी बड़ी खेप कहां से आई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। इसके अलावा इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका है या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकती है।

जांच के दौरान टैंकर के दस्तावेज, चालक के बयान और ईंधन से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।

अवैध ईंधन कारोबार पर शिकंजा

मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में अवैध ईंधन कारोबार को रोकने के लिए संबंधित विभाग समय-समय पर कार्रवाई करते रहे हैं। पेट्रोल और डीजल जैसी ज्वलनशील सामग्री के परिवहन और भंडारण के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है।

बिना अनुमति या जरूरी दस्तावेजों के ईंधन का परिवहन किए जाने पर कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की जांच का उद्देश्य अवैध कारोबार पर रोक लगाने के साथ-साथ ईंधन के सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करना भी है।

आगे की जांच जारी

फिलहाल पुलिस और राशनिंग विभाग संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि करीब 11 हजार लीटर पेट्रोल का वास्तविक स्रोत क्या था।

यह भी जांच का विषय होगा कि टैंकर में ईंधन भरने और उसके परिवहन के लिए किसी वैध अनुमति का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। यदि जांच में किसी बड़े अवैध नेटवर्क के संकेत मिलते हैं तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

कलवा में हुई इस कार्रवाई को अवैध ईंधन कारोबार के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। करीब 11 हजार लीटर पेट्रोल से भरे टैंकर की जब्ती के बाद पुलिस चालक और वाहन मालिक से पूछताछ कर रही है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ईंधन की खेप के स्रोत और इसके संभावित खरीदारों से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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