कैबिनेट का बड़ा फैसला: आदिवासी आश्रम स्कूलों के नॉन-टीचिंग स्टाफ को मिलेगा ACP स्कीम का लाभ

Update: 2026-04-30 04:39 GMT

Maharashtra महाराष्ट्र: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। सरकार ने स्वैच्छिक संगठनों द्वारा संचालित सहायता प्राप्त आदिवासी आश्रम स्कूलों में कार्यरत नॉन-टीचिंग स्टाफ के लिए संशोधित एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) योजना को मंजूरी दे दी है।

इस नई व्यवस्था के तहत इन कर्मचारियों को सेवा के 12 और 24 वर्ष पूरे करने पर दो वित्तीय उन्नयन (Financial Upgradation) का लाभ मिलेगा। यह फैसला लंबे समय से लंबित मांगों को देखते हुए लिया गया है, जिससे कर्मचारियों की सेवा स्थिति और आर्थिक सुरक्षा में सुधार होगा।

सरकारी जानकारी के अनुसार, इस निर्णय से राज्य के कुल 556 सहायता प्राप्त आदिवासी आश्रम स्कूलों में कार्यरत लगभग 7,562 नॉन-टीचिंग कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। इन कर्मचारियों में क्लर्क, चपरासी, लैब असिस्टेंट, कार्यालय सहायक और अन्य सहायक स्टाफ शामिल हैं, जो स्कूलों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सरकार का मानना है कि आश्रम स्कूलों में कार्यरत नॉन-टीचिंग स्टाफ शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ होते हैं और उनके योगदान को लंबे समय से पर्याप्त मान्यता नहीं मिल रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह संशोधित ACP योजना लागू की गई है, ताकि कर्मचारियों को समय-समय पर वित्तीय प्रगति का लाभ मिल सके।

कैबिनेट बैठक में यह भी कहा गया कि इस योजना से कर्मचारियों में काम के प्रति उत्साह बढ़ेगा और प्रशासनिक कार्यों में दक्षता आएगी। साथ ही, यह कदम आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि पहले भी ACP योजना लागू थी, लेकिन उसमें कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही थीं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए संशोधित योजना तैयार की गई है, जिसमें सेवा अवधि के आधार पर स्पष्ट लाभ संरचना तय की गई है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस निर्णय को कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हर कर्मचारी को न्यायसंगत लाभ मिले।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि आदिवासी आश्रम स्कूलों की कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी और सुचारू होगी।

राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य कर्मचारियों के लिए भी इसी तरह की कल्याणकारी योजनाओं पर विचार किया जा सकता है।

यह निर्णय महाराष्ट्र के आदिवासी शिक्षा तंत्र को मजबूत करने और कर्मचारियों के दीर्घकालिक हितों को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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