Maharashtra महाराष्ट्र: सरकार ने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। राज्य के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने लगभग 30,000 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर ट्रैफिक साइनेज का व्यापक ऑडिट कराने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 55 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
अधिकारियों के अनुसार, इस महत्वपूर्ण सर्वे के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) रुड़की को जिम्मेदारी सौंपने का सुझाव दिया गया है। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है और सरकार की स्वीकृति के बाद ही इसे लागू किया जाएगा।
यह पहल इसलिए जरूरी मानी जा रही है क्योंकि कई हाईवे पर गलत तरीके से लगाए गए, गायब या खराब स्थिति में मौजूद ट्रैफिक साइनेज को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। वाहन चालकों और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने कई गंभीर समस्याएं बताई हैं, जिनमें स्पीड लिमिट के स्पष्ट संकेतों की कमी, तीखे मोड़ों पर चेतावनी बोर्ड का अभाव, खतरनाक स्थानों पर संकेतों का न होना और गलत दिशा में लगे डायरेक्शन बोर्ड शामिल हैं।
इन कमियों को सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि का एक बड़ा कारण माना जा रहा है, खासकर उन हाईवे पर जहां वाहनों की रफ्तार अधिक होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक वैज्ञानिक और मानकीकृत ऑडिट इन खामियों की पहचान कर सकता है और हर सड़क खंड के अनुसार सुधार के उपाय सुझा सकता है।
ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस ऑडिट में साइनेज की गुणवत्ता, दृश्यता, सही स्थान पर स्थापना और सुरक्षा मानकों के पालन की विस्तृत जांच की जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सड़क संकेतों की सही योजना और डिजाइन यातायात अनुशासन को सुधारने और दुर्घटनाओं को कम करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षित हाईवे सुनिश्चित करने के लिए साइनेज की टिकाऊ गुणवत्ता, उचित डिजाइन और सही पोजिशनिंग बेहद जरूरी है। इसके साथ ही रात के समय और खराब मौसम में बेहतर दृश्यता के लिए आधुनिक रिफ्लेक्टिव सामग्री और तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जाएगा।
प्रस्तावित अध्ययन में यह भी सुझाव दिया जाएगा कि पुराने और कमजोर संकेतों को हटाकर नए मानकों के अनुसार अपडेट किया जाए, ताकि ड्राइवरों को स्पष्ट और समय पर जानकारी मिल सके।
सरकार का मानना है कि यह ऑडिट लंबे समय तक सड़क सुरक्षा सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करेगा।