BMC ने MHADA-MMRDA पर बकाया टैक्स को लेकर कड़ा रुख, पेनल्टी घटाने का प्रस्ताव
Maharashtra महाराष्ट्र: मुंबई में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने करोड़ों रुपये के पेंडिंग प्रॉपर्टी टैक्स बकाए को लेकर MHADA और MMRDA पर सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम ने इन एजेंसियों से बकाया राशि की वसूली के लिए प्रक्रिया तेज करने की बात कही है।
BMC कमिश्नर Ashwini Bhide ने बताया कि सिविक बॉडी इन दोनों एजेंसियों से हजारों करोड़ रुपये के बकाया प्रॉपर्टी टैक्स को रिकवर करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह बकाया राशि लंबे समय से लंबित है और इसे वसूलना जरूरी है ताकि नगर निगम के वित्तीय संसाधन मजबूत हो सकें।
कमिश्नर के अनुसार, BMC ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर वसूली की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि जरूरत पड़ी तो कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।
इसके साथ ही, BMC ने प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव भी रखा है। अश्विनी भिड़े ने बताया कि वर्तमान में देर से भुगतान करने पर 2 प्रतिशत प्रति माह की पेनल्टी लगाई जाती है। अब इस पेनल्टी को घटाकर 1 प्रतिशत करने के प्रस्ताव पर राज्य सरकार के साथ बातचीत चल रही है।
उन्होंने कहा कि पेनल्टी दर को कम करने का उद्देश्य टैक्सदाताओं पर आर्थिक बोझ को कम करना और उन्हें समय पर भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही, इससे टैक्स कलेक्शन में भी सुधार होने की उम्मीद है।
BMC का मानना है कि उच्च पेनल्टी दर कई बार टैक्सदाताओं को भुगतान में देरी करने के लिए मजबूर कर देती है, जिससे बकाया राशि और बढ़ जाती है। ऐसे में पेनल्टी को कम करके भुगतान प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक बनाया जा सकता है।
इस प्रस्ताव के जरिए BMC एक संतुलित नीति अपनाने की कोशिश कर रहा है, जिसमें एक ओर बकाया टैक्स की वसूली सुनिश्चित की जाए और दूसरी ओर टैक्सदाताओं को राहत भी मिले।
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इससे प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन में सुधार हो सकता है। साथ ही, सरकारी एजेंसियों और अन्य बड़े बकायेदारों पर भी भुगतान का दबाव बढ़ेगा।
मुंबई जैसे बड़े शहर में BMC की आय का एक बड़ा हिस्सा प्रॉपर्टी टैक्स से आता है। ऐसे में बकाया राशि की वसूली और टैक्स कलेक्शन में सुधार नगर निगम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
इस पूरे मामले में राज्य सरकार की भूमिका भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि पेनल्टी दर में बदलाव के लिए उसकी मंजूरी जरूरी होगी। फिलहाल इस प्रस्ताव पर चर्चा जारी है और अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, BMC ने एक तरफ बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का संकेत दिया है, वहीं दूसरी ओर टैक्सदाताओं को राहत देने के लिए पेनल्टी कम करने का प्रस्ताव रखकर संतुलन बनाने की कोशिश की है।