पुणे। महाराष्ट्र एंटी-ड्रग टास्क फोर्स (एडीटीएफ) की पुणे यूनिट ने गुरुवार तड़के कोंढवा इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कथित ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने मौके से 43 ऐसे लोगों को भी हिरासत में लिया, जो कथित तौर पर गांजा खरीदने के लिए वहां एकत्र हुए थे। कार्रवाई के दौरान करीब तीन किलोग्राम गांजा, 14 दोपहिया वाहन, तीन तिपहिया वाहन, 35 मोबाइल फोन और 26,960 रुपये नकद बरामद किए गए।

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई कोंढवा इलाके में मादक पदार्थों की कथित बिक्री और खरीद की सूचना के आधार पर की गई। टीम ने सुबह-सुबह इलाके में अभियान चलाया और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान पुलिस को मौके पर बड़ी संख्या में लोग मिले, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।

दो कथित तस्कर गिरफ्तार

अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान कोंढवा निवासी अजू अहमद शेख और कोंढवा स्थित बुद्धविहार सोसाइटी निवासी गणेश सिद्धू पटोले के रूप में हुई है। पुलिस का आरोप है कि दोनों गांजा की कथित बिक्री से जुड़े हुए थे।

पुलिस के मुताबिक, गणेश सिद्धू पटोले कथित तौर पर अजू अहमद शेख के लिए काम करता था और उसे इसके बदले 500 रुपये मासिक वेतन दिया जाता था। पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजा कहां से लाया जाता था और इसे किन लोगों को बेचा जाता था।

अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ पहले भी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत दो मामले दर्ज हैं। इनमें 200 ग्राम गांजा रखने से जुड़ा मामला भी शामिल बताया गया है। पुराने मामलों की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस अब आरोपियों की गतिविधियों और उनके संपर्कों की भी जांच कर रही है।

बड़ी संख्या में लोग हिरासत में

पुलिस कार्रवाई के दौरान मौके पर 43 लोग भी मिले, जिनके बारे में संदेह जताया गया कि वे गांजा खरीदने के लिए वहां पहुंचे थे। सभी को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

पुलिस इस बात का भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हिरासत में लिए गए लोगों का कथित तस्करों के साथ किस प्रकार का संपर्क था। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इनमें से कितने लोग मादक पदार्थ खरीदने के लिए पहुंचे थे और कितनों की किसी अन्य गतिविधि में भूमिका थी।

गांजा, वाहन और मोबाइल फोन बरामद

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब तीन किलोग्राम गांजा बरामद किया। इसके अलावा 14 दोपहिया वाहन और तीन तिपहिया वाहन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इन वाहनों का इस्तेमाल कथित तौर पर मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री या मौके पर पहुंचने के लिए किया जा रहा था या नहीं, इसकी जांच की जाएगी।

पुलिस ने मौके से 35 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जांच एजेंसी के लिए ये मोबाइल फोन महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं। इनके जरिए पुलिस कथित ड्रग नेटवर्क से जुड़े संपर्कों, बातचीत और लेन-देन के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर सकती है।

इसके अलावा कार्रवाई में 26,960 रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। पुलिस अब यह जांच करेगी कि बरामद रकम का संबंध कथित गांजा बिक्री से था या नहीं। नकदी और अन्य जब्त सामान को जांच का हिस्सा बनाया गया है।

पुराने मामलों की भी जांच

पुलिस के मुताबिक, दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से NDPS एक्ट के तहत दो मामले दर्ज हैं। ऐसे में जांच एजेंसी उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और पूर्व में हुई गिरफ्तारियों से जुड़े मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।

200 ग्राम गांजा रखने से जुड़े पुराने मामले का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पुराने मामलों के बाद आरोपियों की गतिविधियों में कोई बदलाव आया था या वे दोबारा कथित तौर पर मादक पदार्थों के कारोबार में सक्रिय हो गए थे।

नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश

इस कार्रवाई के बाद पुलिस का ध्यान अब कथित तौर पर गांजा उपलब्ध कराने वाले स्रोत तक पहुंचने पर है। पूछताछ में आरोपियों से यह जानकारी जुटाने का प्रयास किया जाएगा कि गांजा कहां से आता था और इसकी आपूर्ति किस माध्यम से की जाती थी।

35 मोबाइल फोन की जांच भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस इनके जरिए आरोपियों के संभावित संपर्कों और लेन-देन की जानकारी जुटा सकती है। हालांकि, किसी व्यक्ति की भूमिका केवल जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगी।

अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुणे के विभिन्न इलाकों में ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। पुलिस का उद्देश्य ऐसे नेटवर्क की पहचान करना है, जिसके जरिए युवाओं और अन्य लोगों तक मादक पदार्थ पहुंचाए जाते हैं।

कोंढवा में हुई इस कार्रवाई के बाद इलाके में भी चर्चा का माहौल है। बड़ी संख्या में लोगों की हिरासत और वाहनों व मोबाइल फोन की जब्ती ने मामले को गंभीर बना दिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और बरामद सामान की जांच की जा रही है।

पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गिरफ्तार आरोपियों का कथित ड्रग नेटवर्क कितना बड़ा था और हिरासत में लिए गए 43 लोगों की वास्तविक भूमिका क्या रही। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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