पुणे। पुणे के शिवाजीनगर स्थित COEP हॉस्टल में कथित झड़प को लेकर एक 19 वर्षीय छात्र ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। छात्र ने आरोप लगाया है कि NSUI और यूथ कांग्रेस से जुड़े कुछ लोगों ने उसके साथ बदसलूकी और मारपीट की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है।

शिकायतकर्ता की पहचान मल्हार नीलेश पाटिल (19) के रूप में हुई है। वह औंध क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। छात्र के अनुसार घटना के समय वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों के साथ COEP हॉस्टल गया था। वहां एक छात्रा के कथित दबाव में दिए गए वीडियो बयान को लेकर जानकारी लेने और बातचीत करने का प्रयास किया जा रहा था।

रात करीब साढ़े आठ से 11 बजे के बीच की घटना

पुलिस शिकायत के मुताबिक, घटना 21 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे से 11 बजे के बीच शिवाजीनगर स्थित COEP हॉस्टल परिसर में हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बातचीत के दौरान मामला बिगड़ गया और कुछ लोगों ने उसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी शुरू कर दी।

पाटिल ने अपनी शिकायत में छह लोगों के नाम बताए हैं। इनमें पुष्कर अबनावे, भूषण रणभारे, अक्षय जैन, सौरभ अमराले, सागर धाडवे और प्रथमेश अबनावे शामिल हैं।

इसके अलावा शिकायत में दावा किया गया है कि घटना के समय मौके पर NSUI और यूथ कांग्रेस से जुड़े करीब 50 से 60 कार्यकर्ता भी मौजूद थे। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना के दौरान मौजूद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

छात्रा के वीडियो बयान को लेकर पहुंचे थे हॉस्टल

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह ABVP के सदस्यों के साथ हॉस्टल इसलिए गया था क्योंकि एक छात्रा का वीडियो बयान सामने आया था। छात्र का आरोप है कि यह बयान कथित तौर पर दबाव में दिलवाया गया था।

इसी मामले को लेकर छात्र और उसके साथ मौजूद लोग हॉस्टल में बातचीत करना चाहते थे। उनका उद्देश्य छात्रा के बयान से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में जानकारी हासिल करना था। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद होने का आरोप लगाया गया है।

हालांकि, घटना के पूरे क्रम और झड़प की शुरुआत किस वजह से हुई, इसे लेकर पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

छह लोगों पर लगाए गए आरोप

शिकायत में जिन छह लोगों के नाम दर्ज कराए गए हैं, उनके खिलाफ छात्र ने मारपीट और बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, कथित तौर पर उसके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।

मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर मौजूद थे। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय वहां वास्तव में कितने लोग मौजूद थे और विवाद में किसकी क्या भूमिका थी।

पुलिस घटनास्थल से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों की भी जांच कर सकती है।

राजनीतिक संगठनों से जुड़े होने के कारण मामला संवेदनशील

मामले में NSUI, यूथ कांग्रेस और ABVP से जुड़े लोगों के नाम सामने आने के कारण विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया है। छात्र संगठनों के बीच पहले भी विभिन्न मुद्दों को लेकर मतभेद सामने आते रहे हैं।

COEP जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान के हॉस्टल परिसर में कथित मारपीट की घटना के बाद छात्र सुरक्षा और परिसर में राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं।

हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस जुटा रही जानकारी

शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले से जुड़ी जानकारी जुटाना शुरू किया है। पुलिस शिकायतकर्ता से घटना का पूरा विवरण लेने के साथ-साथ अन्य संभावित प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ कर सकती है।

घटना के समय हॉस्टल में मौजूद छात्रों से जानकारी लेना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। इसके अलावा हॉस्टल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने पर उसे भी जांच में शामिल किया जा सकता है।

सीसीटीवी फुटेज से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटना के समय परिसर में कौन-कौन लोग मौजूद थे और विवाद किस तरह शुरू हुआ।

दोनों पक्षों के दावों की जांच जरूरी

इस मामले में फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप सामने आए हैं। आरोपियों या संबंधित संगठनों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट होगी।

पुलिस का प्रयास रहेगा कि शिकायत में बताए गए तथ्यों और मौके पर मौजूद लोगों के बयानों के आधार पर घटना की वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि क्या झड़प के दौरान किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी मारपीट या बदसलूकी हुई थी।

हॉस्टल परिसर में सुरक्षा पर सवाल

घटना ने हॉस्टल परिसर में छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। छात्रों के बीच किसी विवाद की स्थिति में बड़ी संख्या में बाहरी लोगों की मौजूदगी से स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में संस्थान प्रशासन की ओर से भी परिसर में प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की जरूरत महसूस की जा सकती है।

फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, कितने लोग शामिल थे और शिकायत में नामजद लोगों की भूमिका क्या थी।

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