नरवाई जलाने वाले किसानों पर अब FIR और 15 हजार तक जुर्माना

Update: 2026-04-20 16:07 GMT

Bhopal, भोपाल। मध्य प्रदेश में गेहूं की कटाई के बाद नरवाई (पराली) जलाने वाले किसानों पर अब सख्त कार्रवाई होने वाली है। राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में तीन महीने के लिए नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद किसान नरवाई जला रहे हैं। अप्रैल महीने में अब तक प्रदेश भर में 18 हजार 912 मामले दर्ज हो चुके हैं। भोपाल में अकेले 614 मामले सामने आए हैं। जिला प्रशासन ने अब सभी पटवारियों को निर्देश दे दिए हैं कि नरवाई जलाने वाले किसानों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करें और उनके खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की जाए।जुर्माना लगेगा 15 हजार तकभोपाल जिला प्रशासन ने मार्च में आदेश जारी कर जून 2026 तक नरवाई जलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। एसडीएम विनोद सोनकिया ने सभी पटवारियों को निर्देश दिया है कि नरवाई जलाने वाले किसानों का नाम, खसरा नंबर और पूरा विवरण तैयार करके दें। इन किसानों पर न सिर्फ जुर्माना वसूला जाएगा बल्कि एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि किसानों को पहले कई बार समझाइश दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद नरवाई जलाई जा रही है। इसलिए अब सख्ती बरती जा रही है।पिछले सालों से ज्यादा मामलेइस साल अप्रैल के पहले 20 दिनों में ही 18,912 मामले सामने आए हैं, जो पिछले सालों से काफी ज्यादा हैं। 2025 में : 12,478 मामले

2024 में : 4,468 मामले

2023 में : 7,665 मामले

प्रदेश में इस साल नरवाई जलाने के मामलों में रिकॉर्ड टूट गया है। भोपाल में भी 20 अप्रैल तक 614 मामले इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में दर्ज हुए हैं।प्रशासन की सख्तीजिला प्रशासन ने साफ कहा है कि अब कोई भी किसान नरवाई नहीं जला पाएगा। पटवारियों को खेतों का निरीक्षण करने और जलाए जाने के सबूत जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। पराली जलाना न सिर्फ पर्यावरण के लिए हानिकारक है बल्कि इसमें धुआं फैलने से सांस की बीमारियां भी बढ़ रही हैं। सरकार पहले से ही वैकल्पिक तरीके जैसे हppy सीडर मशीन, खाद बनाने आदि के लिए सब्सिडी दे रही है, लेकिन कई किसान अभी भी पुरानी आदत नहीं छोड़ पा रहे हैं।प्रशासन का कहना है कि किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ सख्त कार्रवाई भी जरूरी है, ताकि आने वाले समय में यह समस्या पूरी तरह खत्म हो सके।

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