MP News: रेत खनन के दौरान हुआ खुलासा, नदी किनारे मिला हाई-क्वालिटी कोयले का विशाल भंडार
MP News: मध्यप्रदेश की खनिज संपदा में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ता नजर आ रहा है। खनिजों के लिए पहचाने जाने वाले कटनी जिले में अब सोने के संकेतों के बाद ‘काला सोना’ यानी उच्च गुणवत्ता वाले कोयले का बड़ा भंडार मिलने से हड़कंप मच गया है। बड़वारा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत लोहरवारा के सलैया केवट क्षेत्र में उमड़ार नदी के किनारे कोयले की मोटी सीम (Coal Seam) सामने आई है।
उमड़ार नदी से लगी रेत खदान में खनन के दौरान अचानक काले रंग का पत्थरनुमा पदार्थ निकलने लगा। जांच में यह उच्च गुणवत्ता का कोयला होने की आशंका जताई गई। खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और बोरियों, साइकिलों व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में कोयला भरकर ले जाते नजर आए, जिससे अवैध उत्खनन की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए प्रशासन और खनिज विभाग तुरंत अलर्ट मोड में आ गया।सूचना पर शनिवार को जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत सर्वे किया।
विशेषज्ञों के अनुसार यह कोयला ए-ग्रेड बिटूमिनस थर्मल कोल हो सकता है। कोयले की सीम नदी कटाव के कारण एक्सपोज्ड हुई है आधा मीटर से लेकर डेढ़-दो फीट तक का एक्सपोजर स्पष्ट दिखाई दे रहा है
उमरिया जिले से सटे बरही क्षेत्र के कारण यहां कोयले की संभावना पहले से मानी जा रही थी। अब ड्रिलिंग कर गहराई, क्षेत्रफल और सीम की संख्या का परीक्षण किया जाएगा, जिससे यह तय होगा कि इकोनॉमिकल माइनिंग संभव है या नहीं।गौरतलब है कि करीब 5 महीने पहले आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में 56,400 करोड़ रुपए के एमओयू साइन हुए थे। कटनी जिले में पहले ही सोना और क्रिटिकल मिनरल्स के संकेत मिल चुके हैं और अब लिग्नाइट व थर्मल कोल के भंडार मिलने से जिले का खनिज भविष्य और मजबूत होता दिख रहा है।