बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार को शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही दिवंगत गणमान्य व्यक्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ शुरू हुई। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया गया।

विधानसभा में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने चेन्नम्मा के निधन पर शोक प्रस्ताव के दौरान उनके जीवन और व्यक्तित्व को याद किया। उन्होंने कहा कि चेन्नम्मा एक ऐसी महिला थीं, जो यह दिखाती हैं कि एक राजनेता के परिवार की जिम्मेदारियों को किस तरह गरिमा और समर्पण के साथ निभाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चेन्नम्मा ने हमेशा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और उनके परिवार का साथ दिया। उन्होंने अपने पूरे जीवन में परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाई। डीके शिवकुमार ने कहा कि उनका व्यक्तित्व त्याग, धैर्य और सेवा भावना का उदाहरण था।

शोक प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने चेन्नम्मा को दिए गए सरकारी सम्मान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चेन्नम्मा के योगदान और सम्मान को लेकर सरकार ने संवेदनशीलता के साथ विचार किया।

डीके शिवकुमार ने कहा कि जब चेन्नम्मा के अंतिम संस्कार के दौरान सरकारी सम्मान देने का मुद्दा सामने आया, तो इस पर चर्चा हुई कि क्या पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी को इस तरह का सम्मान दिया जा सकता है या नहीं।

उन्होंने कहा कि इस विषय पर अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद उन्होंने निर्णय लिया कि ऐसी स्थिति में सरकार को उदारता और सम्मान की भावना के साथ कदम उठाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी व्यक्ति ने समाज और परिवार के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया हो, तो उसे सम्मान देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहने वालों को केवल नियमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण भी रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चेन्नम्मा ने राजनीतिक जीवन से दूर रहते हुए भी देवेगौड़ा परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहकर अपनी भूमिका निभाई। उनका जीवन सादगी और समर्पण का प्रतीक रहा।

विधानसभा में अन्य सदस्यों ने भी चेन्नम्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके सामाजिक योगदान को याद किया। नेताओं ने कहा कि उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपने व्यवहार और संस्कारों से अलग पहचान बनाई।

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा लंबे समय से परिवार और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही थीं। राजनीतिक परिवार से जुड़े होने के बावजूद उन्होंने हमेशा पर्दे के पीछे रहकर परिवार को सहयोग दिया।

विधानसभा में श्रद्धांजलि के दौरान सदस्यों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई।

कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सत्र के दौरान राज्य से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

पहले दिन की कार्यवाही में हालांकि राजनीतिक मुद्दों की बजाय दिवंगत नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों को श्रद्धांजलि देने पर अधिक ध्यान केंद्रित रहा।

डीके शिवकुमार ने अपने संबोधन में कहा कि चेन्नम्मा का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा। उन्होंने कहा कि उनके योगदान और व्यक्तित्व को हमेशा याद किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के बयान के बाद विधानसभा में मौजूद सदस्यों ने भी चेन्नम्मा के प्रति सम्मान व्यक्त किया। सदन में कुछ देर तक शोक का माहौल बना रहा।

 

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