रायचूर। कर्नाटक के रायचूर जिले के सिंदनूर तालुक में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में 60 वर्षीय किसान की मौत हो गई। खेत में बैलों की मदद से जुताई करते समय किसान का हाथ रस्सी और एक बैल की गर्दन के बीच फंस गया। बैल के अचानक बिदककर दौड़ने से किसान भी उनके साथ घिसटता चला गया। बताया गया कि बैलों ने किसान को करीब दो किलोमीटर तक घसीटा, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।

यह हादसा बेलागुरकी गांव में हुआ। मृतक किसान की पहचान यमनप्पा पुजारी (60) के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। खेती के काम के दौरान हुई इस दुर्घटना ने ग्रामीणों को भी झकझोर दिया है।

खेत में बैलों से कर रहे थे जुताई

जानकारी के अनुसार, यमनप्पा पुजारी शनिवार को अपने खेत में जुताई का काम कर रहे थे। वह दो बैलों की मदद से खेत तैयार कर रहे थे। इसी दौरान एक बैल के गले में बंधा पट्टा अचानक खुल गया।

पट्टा ढीला होने के बाद बैल असहज और घबराया हुआ बताया गया। इसी दौरान पुजारी का हाथ बैल की गर्दन और रस्सी के बीच फंस गया। उन्होंने हाथ निकालने और रस्सी की गांठ खोलने की कोशिश की, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके।

स्थिति तेजी से बिगड़ गई और किसान को संभलने का मौका नहीं मिला।

बिदके बैल तो किसान भी घिसटता चला गया

बताया गया कि पट्टा खुलने और रस्सी ढीली होने के बाद बैल अचानक भागने लगे। पुजारी का हाथ रस्सी में फंसा होने के कारण वह खुद को उनसे अलग नहीं कर सके।

बैल जिस दिशा में दौड़े, किसान भी उनके साथ खिंचते चले गए। उन्होंने खुद को बचाने और रस्सी से हाथ छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।

ग्रामीणों के मुताबिक, बैलों की जोड़ी किसान को करीब दो किलोमीटर तक घसीटती रही। काफी दूर जाने के बाद बैल रुके। तब तक पुजारी गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।

हादसे के बाद गांव में मचा हड़कंप

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। किसान की हालत देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि हादसे में पुजारी को गंभीर चोटें आई थीं।

ग्रामीणों ने घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों और पुलिस को दी। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। हादसे की खबर गांव और आसपास के इलाकों में तेजी से फैल गई।

यमनप्पा पुजारी की मौत की खबर से उनके परिवार और परिचितों में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई।

खेती के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता

ग्रामीण इलाकों में आज भी बड़ी संख्या में किसान खेतों की जुताई और अन्य कृषि कार्यों के लिए बैलों का इस्तेमाल करते हैं। खेती से जुड़े ऐसे कामों में पशुओं के व्यवहार और अचानक होने वाली गतिविधियों के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

इस घटना ने खेतों में पशुओं के साथ काम करते समय सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। बैलों को हल या गाड़ी से जोड़ने के दौरान रस्सियों, पट्टों और अन्य उपकरणों को ठीक से बांधना बेहद जरूरी होता है। किसी भी हिस्से के ढीला होने पर पशु अचानक बिदक सकते हैं और ऐसी स्थिति में किसान के लिए खुद को बचाना मुश्किल हो सकता है।

रस्सी में हाथ फंसना बना जानलेवा

इस घटना में सबसे दुखद पहलू यह रहा कि किसान का हाथ रस्सी और बैल की गर्दन के बीच फंस गया था। अगर वह समय रहते रस्सी से खुद को अलग कर पाते तो शायद हादसे का परिणाम अलग हो सकता था। लेकिन बैलों के अचानक दौड़ने के कारण उन्हें संभलने का अवसर नहीं मिला।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बैलों के साथ काम करते समय किसानों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि रस्सी या पट्टा शरीर के किसी हिस्से में इस तरह न फंसे कि पशु के भागने पर किसान भी उसके साथ खिंचने लगे।

ग्रामीण क्षेत्र में गहरा दुख

यमनप्पा पुजारी की मौत ने बेलागुरकी गांव में गहरा दुख पैदा कर दिया है। ग्रामीणों के लिए यह घटना इसलिए भी झकझोर देने वाली है क्योंकि किसान रोजाना इसी तरह के कृषि कार्य करते हैं और कई बार सामान्य समझे जाने वाले काम भी अचानक जानलेवा साबित हो सकते हैं।

परिजनों के लिए यह हादसा बेहद दुखद है। परिवार के एक सदस्य के अनुसार, पुजारी खेती के काम में सक्रिय थे और इसी सिलसिले में वह घटना वाले दिन खेत में गए थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि खेत में होने वाला यह सामान्य काम उनके लिए आखिरी साबित होगा।

पुलिस ने शुरू की जांच

हादसे के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बैल किस वजह से अचानक बिदके तथा दुर्घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था।

मामले में आगे की कार्रवाई स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों की जांच के आधार पर की जाएगी।

हादसे ने छोड़ा दर्दनाक सबक

बेलागुरकी गांव में हुई यह घटना खेती के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित करती है। खेत में पशुओं के साथ काम करते समय छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम दे सकती है।

यमनप्पा पुजारी की मौत परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। वहीं, यह घटना अन्य किसानों के लिए भी चेतावनी है कि बैलों को हल या अन्य कृषि उपकरणों से जोड़ते समय रस्सियों और पट्टों की अच्छी तरह जांच की जाए तथा किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत पशुओं को नियंत्रित करने के सुरक्षित उपाय अपनाए जाएं।

फिलहाल, 60 वर्षीय किसान की इस दर्दनाक मौत से बेलागुरकी गांव में मातम पसरा हुआ है। खेत में शुरू हुआ सामान्य कृषि कार्य कुछ ही देर में ऐसी त्रासदी में बदल गया, जिसने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया।

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