बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने साफ कर दिया है कि तुमकुरु जिले में बेंगलुरु का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मंत्री एमबी पाटिल ने बुधवार को विधानसभा में इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की।

विधानसभा में तुमकुरु शहर के विधायक जीबी ज्योति गणेश के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री एमबी पाटिल ने कहा कि राज्य सरकार के पास तुमकुरु में दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा या किसी नए अलग एयरपोर्ट के निर्माण का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

विधायक ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि क्या तुमकुरु में बेंगलुरु का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की कोई योजना है। उन्होंने यह भी जानना चाहा था कि क्या राज्य सरकार केंद्र सरकार की ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट नीति के तहत इस दिशा में कोई कदम उठा रही है।

जवाब में मंत्री पाटिल ने कहा कि वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार की ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट नीति का हवाला देते हुए कहा कि इस नीति के तहत आमतौर पर किसी मौजूदा सिविलियन एयरपोर्ट से 150 किलोमीटर की हवाई दूरी के भीतर नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की अनुमति नहीं दी जाती है।

मंत्री ने कहा कि किसी भी नए एयरपोर्ट के निर्माण के लिए कई तकनीकी और प्रशासनिक मानकों को पूरा करना जरूरी होता है। इसमें स्थान की उपयुक्तता, हवाई दूरी, यातायात की जरूरत, आर्थिक व्यवहार्यता और केंद्र सरकार की मंजूरी जैसे पहलू शामिल होते हैं।

बेंगलुरु का मौजूदा केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट राज्य का प्रमुख हवाई अड्डा है और यहां से बड़ी संख्या में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन होता है। पिछले कुछ वर्षों में यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण बेंगलुरु के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की जरूरत को लेकर चर्चा होती रही है।

तुमकुरु को लेकर समय-समय पर यह संभावना जताई जाती रही है कि बेंगलुरु के बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए यहां नया एयरपोर्ट बनाया जा सकता है। तुमकुरु बेंगलुरु के नजदीक स्थित है और औद्योगिक विकास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण क्षेत्र बन रहा है।

हालांकि, सरकार की ओर से फिलहाल इस दिशा में कोई आधिकारिक योजना नहीं है। मंत्री के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि तुमकुरु में दूसरा एयरपोर्ट बनाने की चर्चाएं अभी केवल संभावनाओं तक सीमित हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी बड़े शहर के लिए दूसरा एयरपोर्ट विकसित करना एक लंबी प्रक्रिया होती है। इसके लिए जमीन की उपलब्धता, हवाई क्षेत्र की उपयुक्तता, यातायात अनुमान और भविष्य की जरूरतों का अध्ययन किया जाता है।

बेंगलुरु जैसे तेजी से बढ़ते महानगर में हवाई यातायात लगातार बढ़ रहा है। केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए भविष्य में अतिरिक्त हवाई सुविधाओं की जरूरत महसूस की जा सकती है। लेकिन नए एयरपोर्ट के लिए स्थान चयन और नीति संबंधी मंजूरी सबसे महत्वपूर्ण चरण होते हैं।

कर्नाटक सरकार राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर लगातार जोर दे रही है। सड़क, परिवहन और हवाई संपर्क को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। हालांकि, तुमकुरु में दूसरे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की योजना को लेकर सरकार ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है।

विधानसभा में मंत्री के जवाब के बाद फिलहाल इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट हो गई है। सरकार ने कहा है कि वर्तमान में तुमकुरु में नया एयरपोर्ट बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है और किसी भी भविष्य की योजना को केंद्र की नीतियों और आवश्यक मंजूरियों के आधार पर ही आगे बढ़ाया जाएगा।

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