Karnataka कर्नाटक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के रविवार को प्रस्तावित दौरे के दौरान उनके रूट के पास जिलेटिन स्टिक मिलने के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। इस घटना के बाद जांच एजेंसियों ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, सुरक्षा जांच के दौरान एक कार्डबोर्ड बॉक्स से जिलेटिन स्टिक के साथ-साथ माचिस, कपूर, बैटरी और टाइमर सर्किट बरामद किए गए। इन वस्तुओं की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों के बीच संभावित साजिश की आशंका को जन्म दिया है।

यह मामला तब सामने आया जब एक पुलिस अधिकारी ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से लगभग 30 मिनट पहले रूट से करीब 20 फीट दूर एक संदिग्ध कार्डबोर्ड बॉक्स देखा। शुरुआती जांच में इस बॉक्स की सामग्री को लेकर गंभीर सुरक्षा चिंता जताई गई।

इसके बाद नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (National Investigation Agency) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने राज्य की खुफिया इकाइयों के साथ मिलकर मामले की जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह सामग्री वहां कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन लोग हो सकते हैं।

पुलिस ने इस मामले में कग्गलीपुर पुलिस स्टेशन (Kaggallipura Police Station) की सीमा के तहत विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही जांच के लिए विशेष टीमें भी गठित की गई हैं, जो घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच कर रही हैं।

हालांकि, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि बरामद की गई सामग्री तत्काल विस्फोट के लिए पूरी तरह तैयार स्थिति में नहीं थी। इसके बावजूद, सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं और किसी भी संभावित खतरे की संभावना से इनकार नहीं कर रही हैं।

घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है और प्रधानमंत्री के रूट की दोबारा जांच की जा रही है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदिग्ध बॉक्स वहां कैसे पहुंचा।

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है, इसलिए हर सुराग को गंभीरता से जांचना जरूरी होता है।

फिलहाल जांच एजेंसियां सभी पहलुओं पर काम कर रही हैं और जल्द ही इस मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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