Karnataka: इस राज्य में बंद होंगी ओला, उबर और रैपिडो की सेवाएं, हाईकोर्ट ने बताई वजह

Update: 2025-04-03 07:01 GMT
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को ऐप आधारित राइड-हेलिंग सेवाओं को बाइक टैक्सी सेवाएं बंद करने का आदेश दिया। हालांकि, उन्हें अपना परिचालन पूरी तरह से बंद करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया गया है। प्लेटफॉर्म के अधिकारियों का कहना है कि वे फैसले के खिलाफ अपील करने पर विचार कर रहे हैं। जस्टिस बीएम श्याम प्रसाद ने फैसला सुनाते हुए कहा- जब तक राज्य सरकार मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 93 के तहत नियम नहीं बनाती, तब तक बाइक टैक्सी नहीं चल सकतीं। यह आदेश रैपिडो, उबर इंडिया और ओला की याचिकाओं पर आया, जिसमें सरकार से एग्रीगेटर लाइसेंस जारी करने और बाइक टैक्सियों को परिवहन सेवा के रूप में पंजीकृत करने की मांग की गई थी। जुलाई 2021 में कर्नाटक सरकार ने बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ रैपिडो, उबर और ओला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार को इन प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई करने से अस्थायी रूप से रोक दिया। जस्टिस श्याम प्रसाद ने बुधवार को प्लेटफॉर्म को छह सप्ताह के भीतर अपना परिचालन बंद करने का आदेश दिया। इसके अलावा उन्होंने राज्य सरकार को इस समय सीमा के बाद सभी बाइक टैक्सी सेवाओं को पूरी तरह से बंद करने का निर्देश दिया। वहीं, कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि सरकार को उचित नियम बनाने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐप आधारित प्लेटफॉर्म बिना किसी नियम के चल रहे हैं, जिससे इन सेवाओं का उपयोग करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वह फैसले का अध्ययन करने के बाद जवाब देंगे।
वहीं, एक राइड-हेलिंग कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा- हम इस आदेश के खिलाफ अपील करेंगे। केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि मोटरसाइकिल कॉन्ट्रैक्ट कैरिज की परिभाषा में आती है, जो मोटर वाहन अधिनियम के तहत मान्य है। हालांकि केंद्र सरकार बाइक टैक्सी को अनुमति देती है, लेकिन परिवहन राज्य का विषय है, इसलिए राज्य सरकार को इसकी कानूनी स्थिति तय करने का अधिकार है।
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