‘प्रजा सेवा अभियान’ की शुरुआत, लोगों की शिकायतों का मौके पर होगा समाधान
कुदलिगी। लोगों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनका तेजी से समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को ‘प्रजा सेवा अभियान’ की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने विजयनगर जिले के कुदलिगी होबली से इस जन-संपर्क अभियान का शुभारंभ किया। अभियान का उद्देश्य आम लोगों और प्रशासन के बीच की दूरी कम करना तथा सरकारी विभागों से जुड़ी शिकायतों का मौके पर या निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करना है।
‘प्रजा सेवा अभियान’ के तहत लोगों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखने का अवसर मिलेगा। अभियान के दौरान सामने आने वाली शिकायतों को संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा। जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव होगा, उन्हें मौके पर ही निपटाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं जिन मामलों में जांच, दस्तावेजी प्रक्रिया या विभागीय कार्रवाई की जरूरत होगी, उनके समाधान के लिए समय-सीमा निर्धारित की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार ‘प्रजा सेवा अभियान’ को एक व्यापक शिकायत निवारण व्यवस्था के रूप में तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य केवल लोगों से आवेदन लेना नहीं, बल्कि उनकी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसके लिए विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि लोगों को अपनी समस्या लेकर बार-बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
अभियान की शुरुआत कुदलिगी होबली से की गई है। यहां आम लोगों को अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रखने का अवसर दिया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने से लेकर स्थानीय स्तर की समस्याओं तक का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
इस अभियान को पहले गठित किए गए ‘जन सेवा विभाग’ की अगली कड़ी बताया जा रहा है। जन सेवा विभाग की स्थापना प्रशासन को लोगों के घर-द्वार तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई थी। अब ‘प्रजा सेवा अभियान’ के जरिए इसी व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए सीधे जन-संपर्क और शिकायत निवारण पर जोर दिया जा रहा है।
सरकारी सेवाओं को आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बनाना अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। कई बार छोटी-छोटी समस्याओं के लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। आवेदन देने के बाद भी शिकायत की स्थिति या उसके समाधान की समय-सीमा स्पष्ट नहीं होती। नई व्यवस्था में ऐसी शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाकर कार्रवाई सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी।
अभियान के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें सामने आ सकती हैं। इनमें सरकारी योजनाओं का लाभ, राजस्व संबंधी मामले, स्थानीय सुविधाएं और नागरिक सेवाओं से जुड़े विषय शामिल हो सकते हैं। प्रत्येक शिकायत को उसकी प्रकृति के अनुसार संबंधित विभाग को भेजने और समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों के अनुसार जो समस्याएं स्थानीय स्तर पर तत्काल हल की जा सकती हैं, उनके लिए मौके पर ही कार्रवाई की जाएगी। वहीं जटिल मामलों को संबंधित अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। इसके साथ ही प्रयास रहेगा कि समस्या लंबे समय तक लंबित न रहे और निर्धारित अवधि में उसका निपटारा किया जाए।
सरकार इस अभियान के माध्यम से प्रशासन को अधिक जवाबदेह और जनता के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास कर रही है। सीधे संवाद की व्यवस्था से अधिकारियों को भी जमीनी स्तर पर मौजूद समस्याओं की वास्तविक जानकारी मिल सकेगी। इससे केवल व्यक्तिगत शिकायतों के समाधान में ही मदद नहीं मिलेगी, बल्कि किसी क्षेत्र में बार-बार सामने आने वाली समस्याओं की पहचान भी की जा सकेगी।
कुदलिगी होबली से अभियान शुरू किए जाने के बाद इसे व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने की योजना है। प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों को शिकायतों के निपटारे को गंभीरता से लेने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम करने पर जोर दिया गया है।
‘प्रजा सेवा अभियान’ की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि प्राप्त शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है। यदि आवेदन मिलने के बाद उसका समयबद्ध समाधान किया जाता है तो आम लोगों का प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा बढ़ सकता है। इसके साथ ही लोगों को सरकारी कार्यालयों में बार-बार जाने की परेशानी से भी राहत मिल सकती है।
अभियान के माध्यम से सरकार सीधे जनता तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। शिकायत निवारण के साथ इसका उद्देश्य यह समझना भी है कि विभिन्न क्षेत्रों में नागरिकों को किन समस्याओं का सबसे अधिक सामना करना पड़ रहा है। इससे सरकार और प्रशासन को योजनाओं के क्रियान्वयन में मौजूद कमियों को पहचानने में भी मदद मिल सकती है।
फिलहाल कुदलिगी होबली से शुरू हुआ ‘प्रजा सेवा अभियान’ प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद की नई पहल के रूप में सामने आया है। अब इसकी असली परीक्षा लोगों से मिलने वाली शिकायतों के समाधान की रफ्तार और तय समय-सीमा के पालन से होगी। सरकार का दावा है कि अभियान के जरिए लोगों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अधिक प्रभावी और जवाबदेह व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।