बेंगलुरु: बेंगलुरु की विधान सौधा पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उत्तराखंड इकाई के नेताओं और सदस्यों (जिनमें राज्य इकाई के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी शामिल हैं) के खिलाफ़ 'ज़ीरो FIR' दर्ज की है। यह मामला कथित 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान से जुड़ा है, जो 8 अगस्त को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के कुछ दिन बाद (खबरों के अनुसार 10 अगस्त को) किया गया था।

यह ज़ीरो FIR, AICC के अनुसूचित जनजाति विभाग के पूर्व उपाध्यक्ष टी.आर. रामप्पा की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह शिकायत इसलिए दर्ज कराई क्योंकि उत्तराखंड के राज्य अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट समेत BJP नेताओं ने नैनीताल जिले के हल्द्वानी में रामलीला मैदान में 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान करके मल्लिकार्जुन खड़गे का कथित तौर पर 'अपमान' किया था।

रामप्पा ने सवाल किया, "अगर AICC अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य के साथ ऐसा हो सकता है, तो गांव के आखिरी व्यक्ति का क्या हाल होगा?" उन्होंने कहा, "हम सदियों से भेदभाव का शिकार रहे हैं। ऐसे भेदभाव को कब तक बर्दाश्त किया जा सकता है?" रामप्पा ने कहा, "इसे (कभी न कभी) खत्म होना ही है" और साफ किया कि उन्होंने समाज के हित में यह शिकायत दर्ज कराई है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और BJP के अन्य केंद्रीय नेताओं से आरोपी महेंद्र भट्ट को पार्टी और राज्यसभा से हटाने की अपील की है। उन्होंने आने वाले दिनों में धरना देने की चेतावनी भी दी।

ज़ीरो FIR, 'नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955', 'अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989' और 'भारतीय न्याय संहिता' की धाराओं के तहत दर्ज की गई है।

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