बेलगावी। कर्नाटक के बेलगावी में कांग्रेस एमएलसी चन्नराज हट्टिहोली पर हुबली इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (HESCOM) के दो अधिकारियों के साथ कथित तौर पर मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगा है। आरोप है कि बिजली बिल का बकाया होने के कारण एक स्टोन क्रशर का कनेक्शन काटे जाने के बाद अधिकारियों को बेलगावी के कुवेम्पु नगर स्थित एमएलसी के आवास पर बुलाया गया और वहां उनके साथ दुर्व्यवहार तथा मारपीट की गई। मामले में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है और एमएलसी का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।चन्नराज हट्टिहोली कर्नाटक की कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर के भाई हैं। घटना के बाद HESCOM के अधिकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ा दी है।कथित घटना गुरुवार सुबह की बताई जा रही है। आरोप लगाने वाले अधिकारियों की पहचान HESCOM के सहायक कार्यकारी अभियंता (AEE) दीपक डी. और अनुभाग अधिकारी राजू चव्हाण के रूप में हुई है। दोनों अधिकारियों का आरोप है कि उन्हें एमएलसी के कुवेम्पु नगर स्थित आवास पर बुलाया गया था।
विवाद की शुरुआत बेलगावी तालुक के तारिहाल गांव में स्थित लक्ष्मी स्टोन क्रशर की बिजली आपूर्ति काटे जाने से हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस कनेक्शन पर तीन महीने से बिजली बिल बकाया था। बकाया राशि 77,360 रुपये बताई गई है। भुगतान नहीं होने के बाद HESCOM ने नियमानुसार बिजली आपूर्ति बंद करने की कार्रवाई की थी।बताया गया है कि यह बिजली कनेक्शन प्रमोद जाधव से जुड़ा था, जिन्हें चन्नराज हट्टिहोली का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है। HESCOM अधिकारियों के अनुसार लंबे समय से बिल का भुगतान नहीं होने के कारण विभाग ने कनेक्शन काटने का फैसला किया। इसी कार्रवाई के बाद कथित तौर पर अधिकारियों को एमएलसी के घर बुलाया गया।
AEE दीपक डी. ने आरोप लगाया कि उनसे पूछा गया कि स्टोन क्रशर की बिजली आपूर्ति क्यों काटी गई। उनका आरोप है कि इसी दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और मारपीट हुई। दूसरे अधिकारी राजू चव्हाण भी उस समय मौजूद थे।अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने केवल विभागीय नियमों के तहत बकाया भुगतान नहीं होने पर बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की थी। उनका दावा है कि किसी व्यक्तिगत कारण से बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई थी। तीन महीने का बिल लंबित रहने और 77,360 रुपये का भुगतान नहीं होने के कारण कनेक्शन काटा गया था।
मामला सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि सरकारी बिजली वितरण कंपनी के अधिकारियों को विभागीय कार्रवाई को लेकर किसी जनप्रतिनिधि के निजी आवास पर क्यों बुलाया गया और वहां वास्तव में क्या हुआ। अधिकारियों की ओर से मारपीट और अपशब्द कहे जाने के आरोप लगाए गए हैं, लेकिन आरोपों की जांच के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।सरकारी अधिकारियों के साथ ड्यूटी के दौरान या उनके आधिकारिक कार्य को लेकर कथित मारपीट का मामला गंभीर माना जाता है। यदि कोई शिकायत दर्ज होती है तो पुलिस को उपलब्ध साक्ष्यों, संबंधित लोगों के बयान और अन्य परिस्थितियों के आधार पर जांच करनी होगी।
इस मामले में बिजली कनेक्शन काटने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। बिजली वितरण कंपनियां आम तौर पर निर्धारित समय तक बिल का भुगतान नहीं होने पर नियमों और नोटिस प्रक्रिया के तहत बिजली आपूर्ति रोक सकती हैं। संबंधित उपभोक्ता बकाया राशि जमा कर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद कनेक्शन बहाल कराने के लिए आवेदन कर सकता है।HESCOM उत्तर कर्नाटक के कई जिलों में बिजली वितरण का काम संभालती है। इसके अधिकारी बिजली आपूर्ति, बिल वसूली, रखरखाव और बकाया कनेक्शनों पर कार्रवाई सहित कई जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में फील्ड स्तर पर की जाने वाली बकाया वसूली और कनेक्शन काटने की कार्रवाई के दौरान अधिकारियों तथा उपभोक्ताओं के बीच विवाद की स्थितियां भी सामने आती रहती हैं।
इस मामले में हालांकि आरोप एक निर्वाचित एमएलसी से जुड़े होने के कारण राजनीतिक पहलू भी जुड़ गया है। चन्नराज हट्टिहोली कांग्रेस से विधान परिषद सदस्य हैं और बेलगावी क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय हैं। उनकी बहन लक्ष्मी हेब्बालकर भी कर्नाटक कांग्रेस की प्रमुख नेताओं में शामिल हैं।घटना को लेकर HESCOM अधिकारियों के आरोप सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी घटनाक्रम की जानकारी जुटाए जाने की संभावना है। यह स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित अधिकारियों ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है या विभागीय अधिकारियों को लिखित रूप से पूरे मामले की जानकारी दी है।
अधिकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों के साथ एमएलसी चन्नराज हट्टिहोली का पक्ष सामने आना भी जरूरी है। किसी शिकायत या आरोप को जांच पूरी होने से पहले स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। इसलिए घटना में वास्तव में क्या हुआ, यह पुलिस या संबंधित विभाग की जांच और दोनों पक्षों के बयान के बाद ही स्पष्ट होगा।विवाद का केंद्र फिलहाल तारिहाल गांव स्थित लक्ष्मी स्टोन क्रशर का बिजली कनेक्शन है। HESCOM के मुताबिक कनेक्शन पर तीन महीने का 77,360 रुपये बकाया था और भुगतान नहीं होने के कारण बिजली आपूर्ति काट दी गई थी। इसके बाद AEE दीपक डी. और अनुभाग अधिकारी राजू चव्हाण को कथित रूप से एमएलसी के आवास पर बुलाया गया।
AEE दीपक का आरोप है कि वहां उनसे बिजली काटने का कारण पूछा गया और इसके बाद उनके साथ गाली-गलौज तथा मारपीट की गई। दूसरे अधिकारी राजू चव्हाण भी कथित घटना के दौरान मौजूद थे।अब मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर है। यदि HESCOM अधिकारी औपचारिक शिकायत देते हैं तो जांच के दौरान बिजली बिल और कनेक्शन काटने से जुड़े रिकॉर्ड, अधिकारियों के बयान और घटना से संबंधित उपलब्ध साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल चन्नराज हट्टिहोली के खिलाफ सामने आए मारपीट और गाली-गलौज के दावे आरोप हैं और जांच के बाद ही उनकी सत्यता के बारे में निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
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